इस कब्रिस्तान में रहता है भूत, कब्रों को खोलने पर मिले 'जिंदा' कंकाल

Brajendra Sarvariya

Publish: Apr, 21 2017 10:43:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
 इस कब्रिस्तान में रहता है भूत, कब्रों को खोलने पर मिले 'जिंदा' कंकाल

आदिवासियों का कहना है कि ये कब्रिस्तान भूतिया है और यदि आदिवासियों की जमीन पर इसे शिफ्ट किया गया, तो उनका जीवन नर्क हो जाएगा। 

भोपाल/गुना। मध्यप्रदेश के गुना शहर में स्थित एक कब्रिस्तान को लेकर यहां बनाई जा रही फोर लेन का काम अटक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पाटई में फोन लेन के लिए प्रशासन कब्रिस्तान को कहीं और शिफ्ट करने जा रहा है, पर जहां इसकी शिफ्टिंग की जानी है, वहां रहने वाले आदिवासी डरे हुए हैं और उन्होंने प्रशासन से कहा है कि वे इस कब्रिस्तान को यहां शिफ्ट न करें, क्योंकि उस कब्रिस्तान की शिफ्टिंग के साथ ही वहां मौजूद सैकड़ों कब्रों को भी शिफ्ट किया जाएगा। कहते हैं कि इस कब्रिस्तान में भूतों का वास है और रात में यहां अजीब-अजीब सी आवाजें आती हैं, जिन्हें खुद ग्रामीणों ने सुना है। 




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तब कंकाल देख डर गए थे
पाटई के ग्रामीणों ने बताया कि जब इस कब्रिस्तान को शिफ्ट करने के लिए ठेकेदार ने मशीनों से कब्रों की खुदाई शुरू की तो कब्रों से जो कंकाल निकले, उन्हें देखकर लोग डर गए थे। कंकालों को देखने पर ऐसा लगता था कि ये अभी भी जिंदा हैं। कब्रों से ऐसी बदबू आ रही थी कि मानो दो-तीन पुरानी लाश इसमें सड़ रही हो। जब ठेकेदार ने काम नहीं रोका तो ग्रामीणों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसमें ठेकेदार के कई मजदूर घायल हो गए।


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अफसरों ने भी की अनदेखी
पत्थर की घटना की खबर सुनते ही जिले के एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे, पर उन्हें ग्रामीणों की बात पर यकींन नहीं हुआ। वहीं जहां ये कब्रिस्तान शिफ्ट किया जाना है, वहां रहने वाले आदिवासियों ने विरोध शुरू कर दिया है। आदिवासियों का कहना है कि ये कब्रिस्तान भूतिया है और यदि आदिवासियों की जमीन पर इसे शिफ्ट किया गया, तो उनका जीवन नर्क हो जाएगा। उन्हें चिंता थी कि अगर उनके यहां मृतक लोगों के अवशेष दफनाए गए तो वहां भूत-प्रेत का वास होने लगेगा।


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मुस्लिम समुदाय के लोग तैयार, लेकिन पहले जमीन चाहते हैं 
गुना से 10 किमी दूर पाटई गांव में मुस्लिम समुदाय के मुश्किल से 5-6 परिवार हैं। हाईवे के किनारे पिछले 100 साल से उनका कब्रिस्तान है। फोर-लेन में जब यहां की जमीन अधिग्रहित की गई तो समुदाय के लोगों को भरोसा दिया गया था कि उनके पूर्वजों के अवशेषों को सम्मान के साथ अन्यत्र दफना दिया जाएगा। इसलिए उनकी ओर से इस मुद्दे पर किसी तरह का विरोध नहीं है। पर वैकल्पिक जगह पर गतिरोध बना हुआ है।

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