अधिकारियों को मार गया लापरवाही का डंक, कैसे बचेंगे डेंगू से

Bhopal, Madhya Pradesh, India
अधिकारियों को मार गया लापरवाही का डंक, कैसे बचेंगे डेंगू से

जिन मरीजों को सामान्य संक्रमण बताकर अस्पताल से पहले लौटा दिया गया, बाद में उन्हीं में डेंगू का डंक उभर कर आया। हाल में सामने आए अस्पतालों की लापरवाही के ताजा मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 


भोपाल. डेंगू जिस तेजी से राजधानी में बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से मरीजों की देखभाल में लापरवाही भी बढ़ रही है। अस्पतालों की लापरवाही के चलते डेंगू पीडि़तों की जान पर बनी हुई है। जिन मरीजों को सामान्य संक्रमण बताकर अस्पताल से पहले लौटा दिया गया, बाद में उन्हीं में डेंगू का डंक उभर कर आया। हाल में सामने आए अस्पतालों की लापरवाही के ताजा मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि अब तक डेंगू के 350 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं।  हालत ये है कि इसी लापरवाही के चलते अब तक आठ मरीजों की मौत हो चुकी है। शहर के विभिन्न जांच लैब से मिली जानकारी के मुताबिक 60 फीसदी मरीजों को  बुखार आने के पांच से छह दिन बाद डेंगू का उपचार मिल सका। इसमें मरीजों के साथ अस्पतालों की लापरवाही भी शामिल है। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आदर्श वाजपेयी के मुताबिक अगर डेंगू के मरीजों को शुरुआत में ही उपचार मिल जाए तो वे ठीक हो सकते है। पांच से छह दिन में यह हैमरेजिक डेंगू बन सकता है।

डेंगू के 13 और मरीज
इधर तेरह और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को 113 मरीजों के सैंपल भेजे गए थे। इसमें 30 मरीज डेंगू पॉजीटिव पाए गए। इनमें से भोपाल और सागर के 13 -13 मरीज शामिल हैं। वहीं विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद और दमोह जिले का एक-एक मरीज है।

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