सिर्फ कुछ शब्दों को लेकर पूरी फिल्म पर ऊंगली उठाना सही नहीं

Bhopal, Madhya Pradesh, India
 सिर्फ कुछ शब्दों को लेकर पूरी फिल्म पर ऊंगली उठाना सही नहीं

गोविंद नामदेव से पत्रिका  की विशेष बातचीत, बोले-फिल्मों के साथ हिटलरशाही न करे सेंसर बोर्ड। 


भोपाल। फिल्मों में अनावश्यक कांट-छांट को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाला सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) इन दिनों कुछ हद तक तानाशाह रवैया अपनाने लगा है। 

दरअसल सेंसर बोर्ड का एक सैट पैटर्न है अगर कोई फिल्म उस पर सेट नहीं होती तो उससे कांट-छांट की जाती है। सेंसर बोर्ड को फिल्मों के साथ नरमी बरतने की जरुरत है और अपना भी पैटर्न जरूरत के हिसाब से लागू करना चाहिए। सेंसर बोर्ड के रवैये पर बॉलीवुड एक्टर गोविंद नामदेव ने 'पत्रिका प्लस' से हुई विशेष बातचीत में यह बातें शेयर कीं।



गुरुवार को भारत भारत भवन में चल रहे शेक्सपियर समारोह में उनके निर्देशन में ओथेलो का मंचन किया गया। नामदेव ने कहा कि, फिल्म इंडस्ट्री को भी नैतिकता, सामाजिक सरोकार को समझना चाहिए। सेंसर बोर्ड को भी यह समझना चाहिए कि सिर्फ कुछ शब्दों को लेकर पूरी फिल्म पर ऊंगली उठाना सही नहीं है। 






'सोलर एक्लिप्स' में मोरारजी देसाई के किरदार में दिखूंगा 
गोविंद नामदेव फिल्म 'सोलर एक्लिप्स' से हॉलीवुड की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस फिल्म को लेकर गोविंद नामदेव ने बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों का प्रोजेक्ट है। पंकज सहगल भारतीय हैं, दुबई की एक कंपनी इसकी प्रोड्यूसर है और फिल्म की अधिकांश शूटिंग श्रीलंका में हुई है। तकरीबन 70 प्रतिशत एक्टर और टेक्निशियन हॉलीवुड से और 30 प्रतिशत भारतीय हैं। 



ऑन-ऑफ स्टेज दिया न्यूकमर्स को मौका 
गोविंद नामदेव ने बताया कि हमारी  कोशिश रहती है कि  हम नए कलाकारों के साथ नाटक का मंचन करें। हमें 75 प्रतिशत उन कलाकारों को मौका दिया जिन्होंने इससे पहले बमुश्किल 5 नाटक किए थे। इन कैरेक्टर्स के जरिए नाटक में नयापन बना रहा। यह नाटक सिर्फ अंग्रेजी और बुंदेली संस्कृति का जोड़ है। यही वजह है कि दर्शकों को ऑन-ऑफ स्टेज न्यूकमर्स देखने को मिलेंगे।  


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