जिन्होंने जमीन पर कब्जे किए, अब वे ही बन जाएंगे मालिक, जानें कैसे...

Brajendra Sarvariya

Publish: Dec, 01 2016 04:05:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
जिन्होंने जमीन पर कब्जे किए, अब वे ही बन जाएंगे मालिक, जानें कैसे...

 इन नियमों के तहत 5 हेक्टेयर से कम कब्जे वाली जमीन पर कब्जाधारियों को मालिकाना हक नहीं मिलेगा। 

भोपाल। मध्यप्रदेश में कई जमीनें ऐसी हैं, जो अवैध कब्जों में घिरी हुई हैं। यदि ये कब्जे वर्ष 2000 के पहले के हैं तो यहां रहने वाले कब्जाधारियों के लिए ये खुशखबर है। खबर है कि सरकार ऐसे कब्जाधारियों को उसी जमीन का मालिकाना हक देने जा रही है, जिस पर वे पिछले 16 साल से रह रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने भू-राजस्व संहिता की धारा 162 के तहत नया नियम बनाया है। जल्द ही इस नियम के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखा आएगा। फिर इसे कैबिनेट में मंजूरी के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा। आइए जानते हैं कि अवैध कब्जे कैसे वैध होंगे....




ऐसे वैध हो जाएगी जमीन
सूत्रों के मुताबिक आवासीय क्षेत्रों में कब्जाधारकों को एक हजार वर्ग फीट की जमीन एक रुपए के प्रीमियम और 100 रुपए की वार्षिक लीज पर 30 साल के लिए पट्टा दिया जाएगा। वहीं खेती की जमीन के मालिकाना हक के लिए कब्जाधारियों को बाजार मूल्य का दो प्रतिशत चुकाना होगा। इस नियम के लागू होने के बाद भोपाल के बैरागढ़, ईदगाह हिल्स में मर्जर एग्रीमेंट वाले क्षेत्र, गोमती नगर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में कृषि और आवासीय क्षेत्रों की जमीन पर लोगों को मालिकाना हक मिलेगा।




यूं समझें किसे-कितना पड़ेगा प्रीमियम
- इन नियमों के तहत 5 हेक्टेयर से कम कब्जे वाली जमीन पर कब्जाधारियों को मालिकाना हक नहीं मिलेगा। 
- यह सीमा आवासीय व अन्य गैर कृषि प्रयोजनों वाली भूमि के लिए है। 
- खेती की जमीन में न्यूनतम सामूहिक कब्जा 50 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।
- 2000 वर्ग फीट के भूखंड पर जमीन के बाजार मूल्य का 1 प्रतिशत प्रीमियम और प्रीमियम का 5 प्रतिशत वार्षिक लीज
- 2 से 5 हजार वर्ग फीट की जमीन के बाजार मूल्य का 2 प्रतिशत प्रीमियम और प्रीमियम का 5 प्रतिशत वार्षिक लीज

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