कार्रवाई या दिखावा? रेत से भरे ट्रक तो जब्त कर लिए, किया कुछ भी नहीं

Bhopal, Madhya Pradesh, India
  कार्रवाई या दिखावा? रेत से भरे ट्रक तो जब्त कर लिए, किया कुछ भी नहीं

गुरुवार देररात जब प्रशासन ने अवैध रेत डंफरों को पकडऩा शुरू किया तो उसके पहले ही भोपाल के तमाम एंट्री प्वाइंट पर ट्रक रोके जाने लगे। 

भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के किनारों को खोखला कर रेत का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। शिवराज सरकार पर रेत माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगा, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार देररात राजधानी भोपाल में भारी पुलिस फोर्स के साथ की गई कार्रवाई में रेत से भरे करीब 100 ट्रक जब्त कर लिए गए। शुक्रवार को दिन भर प्रशासन हरकत में रहा। जिन अधिकारियों ने ट्रक जब्त किए थे, उनके दफ्तरों में ताले डले रहे। जबकि जिस लाल परेड गा्रउंड पर ये ट्रक खड़े किए गए, वहां सिर्फ दिखावे की कारवाई होती रही। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ दिखावा थी? आइए हम बताते हैं कि दिनभर क्या-क्या हुआ....





नफ्ती करके चले गए
तहसीलदार, खनिज विभाग की ओर से कई कर्मचारी लाल परेड ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने जब्त ट्रकों की नप्ती की। ट्रक ड्राइवर्स से रॉयल्टी चैक की रसीद मांगी, तो ज्यादातर ड्राइवर्स ने रसीद दिखा दी। कई ट्रक के मालिक भी सुबह से ही लाल परेड ग्राउंड पर डेरा जमाए रहे।

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रसूखदारों के डंपर नहीं पकड़े
नर्मदा सेंड ट्रक एसोसिएशन के सचिव विश्व बंधु रावत ने बताया कि प्रशासन की इस पूरी कार्रवाई में किसी भी रसूखदार की गाड़ी नहीं पकड़ी गई। रसूखदारों में सीएम, विधायक व कई बड़े नेता शामिल हैं। लाल परेड ग्राउंड पर जितनी भी गाडिय़ां खड़ी हैं, अगर उनमें से एक भी गाड़ी रसूखदारों की निकल आए तो सभी मोटर मालिक बिना किसी आपत्ति के हर्जाना भरने को तैयार हैं।

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लीक हो गई थी सूचना
गुरुवार देररात जब प्रशासन ने अवैध रेत डंफरों को पकडऩा शुरू किया तो उसके पहले ही भोपाल के तमाम एंट्री प्वाइंट पर ट्रक रोके जाने लगे। प्रशासन की ओवरलोड डंपर पर कार्रवाई की सूचना लीक हो गई थी। नतीजन होशंगाबाद तक बीच रास्ते में करीब 250 डंपर खड़े कर दिए गए। कई डंपर चालक तो होशंगाबाद नाके से पहले सड़क पर ही रेत खाली कर लौट गए। कुछ चालक डंपर छोड़कर भी भाग गए। फिर पुलिस ने छोटे वाहनों की तलाश शुरू की। होशंगाबाद रोड पर ग्यारह मील के पास नाके से नो एंट्री खुलने के बाद करीब 350 डंपर निकलते थे। वहां से सिर्फ 80 ट्रक ही निकले। 

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चौकी से कैसे पास हो गए ओवरलोड डंपर
जो डंपर सावरकर सेतू के पास पकड़े उनमें ज्यादातर ओवरलोड हैं। इनमें आधे चोर रास्ते से आए और आधे चौकी से भी आना माना जाए तो यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि ओवरलोड ट्रक चौकी से कैसे निकले? क्या यहां भी कुछ मिलीभगत है? इनमें से आधे डंपरों के पास रॉयल्टी की रसीद तक नहीं थी।


 किया कुछ भी नहीं   Question put over action against sand mafia in Bhopal   bhopal police



कुछ के पास है फर्जी रॉयल्टी रसीद
जो ट्रक पकड़े गए हैं उनमें से करीब 20 के पास फर्जी रॉयल्टी की रसीद भी बताई जा रही है। कुछ दिन पहले ही खनिज अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए एक फर्जी रॉयल्टी रसीद का ट्रक पकड़ा था। ये बात अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया।

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