आसाराम-रामनरेश के लिए लड़े, श्रीराम के खिलाफ भी बोले थे यह 'राम'

Bhopal, Madhya Pradesh, India
 आसाराम-रामनरेश के लिए लड़े, श्रीराम के खिलाफ भी बोले थे यह 'राम'

अक्सर विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले राम जेटमलानी देश के हाईप्रोफाइल केसों की पैरवी करने के लिए भी जाने जाते हैं। आए दिन जेठमलानी कोई न कोई कंट्रोवर्सियल बयान देकर बखेड़ा खड़ा कर देते हैं, भोपाल में भी उन्होने फिर एक बयान दिया है...।


भोपाल। अक्सर विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले राम जेटमलानी देश के हाईप्रोफाइल केसों की पैरवी करने के लिए भी जाने जाते हैं। आए दिन जेठमलानी कोई न कोई कंट्रोवर्सियल बयान देकर बखेड़ा खड़ा करते रहते हैं। शुक्रवार को भोपाल आए राम जेठमलानी ने एक और बयान देकर विवादों को जन्म दे दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा से निष्कासन के बाद उनके वापसी इसलिए हुई थी कि मर्डर केस में फंसे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पैरवी करना थी।

राम पर भी दे चुके हैं विवादित बयान
इससे पहले भी वे कई बार ऐसे ही विवादित बयान देकर फंस चुके हैं। उन्होंने एक बार भगवान राम पर आपत्तिजनक टिपण्णी कर दी थी, इसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था। दरअसल मामला हिंदू भावनाओं को आहत करने को लेकर था, जिसके लिए आरटीआई कार्यकर्ता गौरव पांडे की ओर से अभिभाषक नितिन शर्मा के द्वारा यह परिवाद पत्र दायर किया गया था।


यह था मामला
जेठमलानी ने भगवान राम को खराब पति कह दिया था।इस बयान के बाद BJP असहज स्थिति में आ गई थी। क्योंकि जेठमलानी का भाजपा से पुराना नाता है। ये बात उन्होंने महिला और पुरुष संबंधों पर एक किताब लांचिंग के वक्त कही थी। जेठमलानी ने कहा था कि राम एक ख़राब पति थे मैं उन्हें पसंद नहीं करता।


और भी की थी टिप्पणी
सिर्फ एक मछुआरे के कुछ कहने पर राम ने उस बेचारी महिला (सीता) को छोड़ दिया। राम जेठ मलानी इतने पर ही नहीं रुके उन्होंने आगे लक्ष्मण पर निशाना साधा और कहा वो तो और बुरे थे। सीता की सुरक्षा में लगे लक्ष्मण को राम ने कहा था कि वो उन्हें खोजें क्योंकि सीता की देख रेख की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। लेकिन लक्ष्मण ने ये कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि सीता उनकी भाभी थी जिनके चरण को भी उन्होंने कभी नहीं देखा उनका चेहरा वो कैसे पहचान सकते हैं।


व्यापमं मामले में MP के राज्यपाल की पैरवी की थी
व्यापमं मामले में आरोपी बनाए गए MP के गवर्नर राम नरेश यादव के लिए राम जेठमलानी ने पैरवी की थी। राज्यपाल की ओर से वरिष्ट अधिवक्ता जेठमालानी हाईकोर्ट में पेश हुए। जिससे राज्यपाल को कोर्ट से फौरी राहत मिली थी। जेठमलानी का तर्क था कि चूंकि राज्यपाल का पद संवैधानिक है इसलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है।


इन हस्तियों की पैरवी भी कर चुके हैं राम
जेठमलानी देश के कई हाईप्रोफाइल लोगों की पैरवी कर चुके हैं जिनमें राजीव गांधी, लाल कृष्ण आडवाणी, हर्षद मेहता, अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान, जयललिता, बीएस येद्दयुरप्पा, जेसिका लाल हत्याकांड, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, डीएमके की नेता कनिमोझी, आसाराम बापू, और व्यापम मामले में एमपी के गवर्नर राम नरेश यादव शामिल हैं।



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