RGPV: बीई में खत्म होगा ग्रेडिंग सिस्टम, शुरुआत इन शर्तों से हुई...

Brajendra Sarvariya

Publish: Feb, 17 2017 09:21:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
RGPV: बीई में खत्म होगा ग्रेडिंग सिस्टम, शुरुआत इन शर्तों से हुई...

बैठक में विषय क्लीयर करने पर भी बहस हुई। एक पक्ष विद्यार्थियों को पहले की तरह सब्जेक्ट क्लीयर करने की आजादी देने पर जोर देता रहा। 

भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गुरुवार को च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) स्कीम पर एक और बैठक हुई। इसमें सदस्यों ने कहा कि बी. फार्मेसी और आर्कीटेक्चर में इसे खत्म करें, क्योंकि आरजीपीवी ने इन कोर्स के लिए जो शर्तें लागू की हैं, उसके अनुसार कोर्स संचालित करने की इजाजत फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर नहीं देता। उधर, बीई सीबीसीएस स्कीम पर ग्रेडिंग सिस्टम का चोला चढ़ाकर संचालित करने की तैयारी हैं। 
 



सूत्रों के मुताबिक इस बार की बैठक में सरकारी संस्थाओं से आए सदस्यों ने संसाधनों की कमी के कारण सीबीसीएस को समाप्त करने के सुझाव दे डाले। हालांकि. विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारी इस बात पर राजी नहीं हुए। इसलिए विश्वविद्यालय फिर से बैठक बुलाएगा। दरअसल, बीई में ग्रेडिंग सिस्टम की अधिकतर शर्तें लागू कर  सीबीसीएस स्कीम को बरकरार रखना चाहता है। इसके लिए आर्डिनेंस में परिवर्तन करेगा। सदस्यों का कहना कि इससे भी अधिक फर्क नहीं पड़ेगा। विद्यार्थियों की परेशानी दूर नहीं हो सकेगी। 



नहीं हुए एकमत  
बैठक में विषय क्लीयर करने पर भी बहस हुई। एक पक्ष विद्यार्थियों को पहले की तरह सब्जेक्ट क्लीयर करने की आजादी देने पर जोर देता रहा। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी को पहले सेमेस्टर में पूरे क्रेडिट नहीं ला पाता है तो उसे पूरे क्रेडिट लाने के लिए तीसरे सेमेस्टर के साथ मौका दिया जाएगा। 




सीबीसीएस में लेटरल एंट्री से सीधे दूसरे वर्ष में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए कोई योजना शामिल नहीं थी। इसलिए, इसके लिए तीन साल में 130 क्रेडिट लाने होंगे। इसके अलावा  थ्योरी और प्रेक्टिकल ब्लॉक के  एंड सेमेस्टर एग्जाम में 31-31 प्रतिशत लाने की शर्त पर सहमति बनी हैं। 

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