SIMI एनकाउंटर: जेल से भागने के लिए अंग्रेजी और उर्दू सीख रहे थे आतंकी

Bhopal, Madhya Pradesh, India
SIMI एनकाउंटर: जेल से भागने के लिए अंग्रेजी और उर्दू सीख रहे थे आतंकी

राजधानी की सेंट्रल जेल में कैद सिमी के खूंखार आतंकवादी अंग्रेजी और उर्दू सीख रहे थे। इनका गुरु कोई और नहीं, बल्कि अबू फैजल था। 

सतेन्द्र सिंह भदौरिया @ भोपाल. आज भोपाल की सेंट्रल जेल से भागे सिमी आतंकियों के एनकाउंटर को पूरा एक महीना हो गया। इस मामले की कई स्तर पर जांच जारी है। पर, जांच रिपोर्ट आने के पहले सिमी आतंकियों से जुड़ा एक बड़ा इनपुट सामने आया है। राजधानी की सेंट्रल जेल में कैद सिमी के खूंखार आतंकवादी अंग्रेजी और उर्दू सीख रहे थे। इनका गुरु कोई और नहीं, बल्कि अबू फैजल था। एक हत्यारा अंग्रेजी बोलना सिखाता था। यह खुलासा हुआ है एसआईटी की जांच  में हुआ। एसआईटी ने आतंकियों की बैरक से उर्दू की किताबें और कुछ रजिस्टर जब्त किए हैं। आतंकियों ने कबूल किया है कि वे फैजल के कहने पर अंग्रेजी-उर्दू सीख बड़ेे मिशन की तैयारी कर रहे थे। उन्हें मास्टर माइंड अबू ने ही बरगलाया था कि दोनों भाषाओं में पकड़ बनाने के बाद ही जेहादी संगठन कश्मीर और सरहद पार के किसी बड़े मिशन पर भेजेगा। 


एसएएफ गार्ड से नहीं था तालमेल
जेल में वॉच टावर की निगरानी में लगे एसएएफ गार्ड और जेल प्रबंधन के बीच भी कोई तालमेल नहीं था। एसएएफ गार्ड ड्यूटी के वक्त जेल पहुंचते और सीेधे वॉच टावर पर चढ़ जाते थे। जेल में क्या चल रहा है, क्या हो रहा है। एसएएफ गार्ड इन सब बातों से दूर थे। वहीं दूसरी तरफ जेल में पदस्थ जेल प्रहरी और अफसरों के बीच सामंजस्य की कमी थी। जेल प्रहरियों को क्या परेशानी है, जेल में क्या चल रहा है। यह जेल प्रहरियों से कोई पूछने वाला नहीं था। जेल प्रहरियो को क्या परेशानी है। उनकी परेशानी का जिक्र कभी अफसरों तक नहीं पहुंचता था। इसका आतंकियों को भरपूर फायदा मिला। 


इनका कहना है...
आतंकी क्या पढ़ रहे थे। क्या सीख रहे थे। इसकी मुझे जानकारी नहीं है। जेल में क्या खराब है, कब ठीक होगा। यह जेल प्रबंधन का काम है। इस संबंध में जेलर बताएंगे। एसएएफ गार्ड और जेल कर्मचारियों के बीच तालमेल और सामंजस्य की क्या कमी है, इससे कोई लेना-देना नहीं है। एसएएफ गार्ड की जो ड्यूटी है, 
वह करेगा। 
-संजय चौधरी, डीजी जेल 

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