आदमपुर छावनी में ही शिफ्ट किया जाएगा स्लॉटर हाउस

Sumeet Pandey

Publish: Feb, 17 2017 02:01:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
आदमपुर छावनी में ही शिफ्ट किया जाएगा स्लॉटर हाउस

एनजीटी में गुरुवार को सुनवाई के दौरान नगरीय प्रशासन आयुक्त विवेक अग्रवाल ने यह जानकारी दी।


भोपाल. नया स्लॉटर हाउस आदमपुर छावनी में ही बनेगा। वहां पर लैंडफिल साइट और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के बगल में इसके लिए पांच एकड़ जमीन आरक्षित कर दी गई है। यह पूरी तरह आधुनिक होगा और उसमें कोई वेस्ट मटेरियल नहीं निकलेगा। भोपाल के स्लॉटर हाउस में भी सीहोर सहित सात जिलों के पशुओं की कटाई होगी। एनजीटी में गुरुवार को सुनवाई के दौरान नगरीय प्रशासन आयुक्त विवेक अग्रवाल ने यह जानकारी दी। आदमपुर छावनी में 62 एकड़ जमीन नगर निगम को आवंटित हो चुकी है। इसी में से पांच एकड़ जमीन स्लॉटर हाउस के लिए अलॉट की गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। लगभग 10 महीने में इसका काम शुरू हो जाएगा। मार्च 2018 तक इसे शुरू करा दिया जाएगा। एनजीटी ने उन्हें एक हफ्ते में एफीडेविट देने के निर्देश दिए हैं कि स्लॉटर हाउस कब तक जिंसी से नई साइट पर शिफ्ट हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि स्टेक होल्डर्स से बात करें उन्हें समझाएं। इसके साथ नए स्लॉटर हाउस में पर्यावरण और हाईजीन का खासतौर पर ध्यान रखें। सुनवाई के दौरान एनजीटी के जस्टिस दलीप सिंह ने स्लॉटर हाउस के हर पहलू पर सवाल जवाब भी किए, उनके आयुक्त ने जवाब दिए।  

एनजीटी के सवाल और आयुक्त के जवाब
जस्टिस- सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है उसके बावजूद अब तक स्लाटर हाउस को शहर के बाहर क्यों नहीं किया गया?
आयुक्त- आदमपुर छावनी में लैंड फिल साइट के लिए जमीन आवंटित है। वहीं पर पांच एकड़ जमीन में पीपीपी मोड पर स्लॉटर हाउस बनाया जाएगा।  
जस्टिस- पर्यावरणीय क्षति और लोगों को परेशानी न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं?
आयुक्त- नया स्लॉटर हाउस पूरी तरह से मॉडर्न होगा। उसमें से कोई वेस्ट नहीं निकलेगा। आदमपुर छावनी में जहां जहां स्लॉटर हाउस बनाया जा रहा है वहां लगभग एक किमी के दायरे में कोई आबादी नहीं है।
जस्टिस- एक साल में भी जमीन चिह्नित क्यों नहीं हो पाई?
आयुक्त- भोपाल में कई बार जमीन चिन्हित हुई लेकिन लोगों के विरोध के चलते इसमें बदलाव करना पड़े।
जस्टिस- मौजूदा स्लॉटर हाउस की कैपेसिटी कम है शहर भर में
जो अनहायजीनिक तरीके से चिकन आदि की स्लॉटरिंग होती है उसका क्या?
आयुक्त- मैं इसका रिव्यू करूंगा। विभाग ने जो दो करोड़ की परफॉर्मेंस गारंटी जमा कराई है वह यदि मिल सके तो उसे कैपेसिटी बढ़ाने में भी उपयोग किया जा सकता है।
जस्टिस- सीहोर के स्लॉटर हाउस के लिए कब तक लैंड फाइनल होगी इसका भी एफीडेविट दें।
आयुक्त- सीहोर को भोपाल क्लस्टर में ही शामिल किया जाएगा। इसलिए वहां की स्लॉटरिंग भोपाल में ही होगी।

विधायकों ने किया विरोध
सबसे पहले आदमपुर छावनी में ही स्लॉटर हाउस प्रस्तावित किया गया था, लेकिन हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद मुगालिया कोट में इसे शिफ्ट करने का प्लान बनाया गया। लेकिन वहां भी विधायक ने विरोध किया। बाद में बैरसिया में जगह तलाशी गई तो वहां के विधायक विष्णु खत्री ने विरोध शुरू कर दिया। आखिरकार सरकार ने जिंसी में ही मॉडर्न स्लॉटर हाउस प्रस्तावित कर दिया। लेकिन यहां भी आसपास के रहवासियों ने जबर्दस्त विरोध शुरू कर दिया। आखिरकार सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। अब फिर से आदमपुर छावनी में ही बनाने का फैसला शासन ने
लिया है।

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