एसीबी से लडऩे लगी घर की महिलाएं बोलीं- सब ले जाओ पर जेवर छोड़ दो

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Feb, 17 2017 11:11:00 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
एसीबी से लडऩे लगी घर की महिलाएं बोलीं- सब ले जाओ पर जेवर छोड़ दो

अधिकारियों और महिला पुलिस कर्मियों ने करीब आधे घंटे तक महिलाआें को समझाइश दी

बिलासपुर. एसीबी ( एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने सरकण्डा विजयापुरम स्थित एएफओ आनंद कुमार तंबोली के बंगले में छापा मारा। आलमारियों से सोने के जेवर नकद जब्त करते ही महिलाओंं ने अधिकारियों का विरोध किया। महिलाओं ने जेवरों को शादी के होने का हवाला देकर अधिकारियों से जमकर विवाद किया। अधिकारियों और महिला पुलिस कर्मी  को आधे घंटे तक महिलाओं को समझाना पड़ा कि जब्त किए गए जेवर उन्हें वापस कर दिए जाएंगे। इसके बाद महिलाएं शांत हुईं।

वहीं देर रात तक अधिकारी एएफओ के मकान में जांच करते रहे। एसीबी की टीम ने गुरुवार तड़के 6 बजे जिला पुलिस बल के पुलिस कर्मियों के साथ विजयापुरम फेस 1 में कोटा में पदस्थ असिस्टेंट फूड ऑफिसर आनंद कुमार तंबोली के घर छापा मारा। घर में एएफओ और उसके परिवार के सदस्य मौजूद थे। अधिकारियों ने आलमारियां खुलवाने के बाद  अंदर रखे जेवर, नकद और जमीन संबंधी दस्तावेज निकाले। एएफओ और उसके परिवार के सदस्यों को एसीबी की टीम ने एक स्थान पर बैठने के लिए कहा।

एसीबी के अधिकारी आलमारियों से निकले जेवर और नकदी जब्त करने लगे। जब्त सामानों की लैपटॉप पर एंट्री शुरू की गई। इसी बीच महिलाआें ने अधिकारियों का विरोध किया। एएफओ की पत्नी और परिवार की अन्य महिला सदस्यों ने जेवरों को शादी के होने का हवाला देकर जब्ती का विरोध किया। अधिकारियों और महिला पुलिस कर्मियों ने करीब आधे घंटे तक महिलाआें को समझाइश दी।

घर से मिली करोड़ों की संपत्ति :
एएफओ के मकान से जांच में एसीबी को विजयापुरम में दो मकान, कवर्धा में 12 एकड़ कृषि भूमि , 1 लाख 38 हजार नकद और दो बैक लॉकरों की चाबी मिली है। परिवार के सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि बैंक लॉकरों में अन्य स्थानों पर खरीदी गई अचल संपत्ति के दस्तावेज रखे गए हैं।
 
न्यायाधानी से राजधानी का दफ्तर संचालित करते रहे हेल्थ एंड सेफ्टी अफसर : औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के यहां पदस्थ उप संचालक अविनाश कुमार गुंजाल ने विभाग में एेसा ताना-बना बुन रखा था कि धीरे-धीरे न्यायधानी से राजधानी का प्रभार हथिया लिया। रायपुर में करीब एक वर्ष से पदस्थ रहने के दौरान राज्य के सभी जिले के कार्यालयों का नियंत्रण उन्होंने अपने हाथ में ले लिया। उनके कार्यकाल में राइस मिलों में 6 माह के अंतराल में  दो दुर्घटनाएं हुई । दोनों राइस मिलों में एक-एक महिला की मौत हो गई। लेकिन इस मामले में उनकी प्रभावी भूमिका नजर नहीं आई।

गड़बडिय़ों से नाता रहा तंबोली का : सहायक खाद्य अधिकारी आनंद कुमार तंबोली का स्थानांरण मार्च 2016 में मुंगेली से बिलासपुर किया गया। उन्होंने अपै्रल माह में इस जिले में कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद वे कोटा तहसील में एएफओ के तौर पर कार्यरत रहे। हाल ही में एक भाजपा नेता के भाई की नान से पीडीएस चावल चोरी का मामला सामने आया था। इसमें एएफओ तंबोली ने मामले को अब तक लटका कर रख्खा है।

छेरकाबांधा डिस्टलरी के विस्फोट में संदिग्ध भूमिका : हेल्थ एंड सेफ्टी अफसर गुंजाल के कार्यकाल में कोटा विकासखंड के छेरकाबांधा में वेलकम डिस्टलरी में बायलर में विस्फोट हुआ था। इस मामले में जांच की सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की गई। फिर फैक्ट्री चालू हो गई।

अलग-अलग स्थानों पर करोड़ों की संपत्ति खरीदी प्रदीप गुप्ता ने : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना  विभाग में पिछले 10 साल से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ  जल संसाधन विभाग के  कार्यपालन अभियंता प्रदीप कुमार गुप्ता ने काली कमाई से परिवार के सदस्यों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खरीदी है। गुरुवार को एसीबी ( एंटी करप्शन ब्यूरो ) की टीम ने  श्रीकांत वर्मा मार्ग साईं परिसर स्थित उनके  फ्लैट नंबर ई 204 में दबिश  दी। एसीबी की टीम ने जिस समय मकान में दाखिल हुए ईई प्रदीप गुप्ता घर पर नहीं थे।

एसीबी की टीम ने मकान में छापा मारने की जानकारी परिवार के सदस्यों को दी और जांच शुरू की। दिनभर एसीबी के अधिकारियों ने मकान के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। मकान के अंदर आलमारियों के लॉकर से एक के बाद एक कर जमीन के दस्तावेज निकलते गए। इनमें श्रीकांत वर्मा मार्ग साईं परिसर में 60 लाख्ख कीमत के  दो फ्फ्लैट भी शामिल हैं। साथ ही आलमारियों और दीवान के अंदर रखे गए सोने चांदी के जेवर भी बरामद हुए।

तंबोली के मकान से मिली संपत्ति : 01 लाख 38  हजार रुपए नकद। 02 मकान विजयापुरम कॉलोनी में। 12 एकड़ कृषि भूमि कवर्धा में। 02 बैंक लॉकर जिसमें जमीन के दस्तावेज रखे हैं।

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