गुमास्ता लाइसेंस के लिए हर जगह लंबी लाइनें, डेढ़ हजार से ज्यादा आए आवेदन

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Dec, 01 2016 11:27:00 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
गुमास्ता लाइसेंस के लिए हर जगह लंबी लाइनें, डेढ़ हजार से ज्यादा आए आवेदन

नगर निगम सीमा क्षेत्र में गुमास्ता लाइसेंस बनवाने के लिए बुधवार को शहर के 5 जगहों पर शिविर लगाया गया।

बिलासपुर. नगर निगम सीमा क्षेत्र में गुमास्ता लाइसेंस बनवाने के लिए बुधवार को शहर के 5 जगहों पर शिविर लगाया गया। सभी जगहों पर गुमास्ता लाइसेंस बनवाने के लिए लंबी लाइनें लगी रहीं। वहीं बैंक के कर्मचारियों द्वारा स्वाइप मशीन के लिए दुकानदारों से आवेदन लिया गया। शुरुआती दौर में किराएदारों को एग्रीमेंट के लिए दिक्कत आई। लेकिन आयुक्त के निर्देश पर इसमें ढील दी गई। आयुक्त ने सभी शिविर स्थलों का दौरा किया।

एक हजार आवेदन:
गुमास्ता लाइसेंस बनवाने के लिए पहले दिन एक हजार व्यापारियों ने आवेदन किया है। वहीं 530 व्यापारियों ने मशीन के लिए आवेदन किए। पहला दिन होने के कारण सभी जगहों पर थोड़ी बहुत अव्यस्था मिली। अधिकांश लोग  यह पता करते रहे कि गुमास्ता लाइसेंस के लिए कौन-कौन् से डाक्यूमेंटस लगेंगे। लालबहादुर शास्त्री स्कूल में गोलबाजार, सदर बाजार, करोना चौक के व्यापारियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। यहां शनिचरी के व्यापारी भी पहुंच गए इसलिए काफी भीड़ रही।

 नए लाइसेंस बनवाने वाले अधिकांश लोग एग्रीमेंट के लिए कचहरी के चक्कर भी काटने लगे हैं। दोपहर बाद आयुक्त ने इस नियम को शिथिल करते हुए बिना इसके गुमास्ता बनाने का निर्देश दिए। व्यापार विहार में दिक्कत: व्यापार विहार में शिविर स्थल को लेकर लोगों को समस्या हुई। व्यापार विहार में कमल बजाज के दुकान के सामने रखा गया था। लेकिन अधिकांश लोगों को शिविर स्थल नहीं मिल पा रहा था। शिविर में अव्यवस्था को लेकर मिली सूचना पर नगर निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ,उपायुक्त मिथलेस अवस्थी ,पी के पंचायती सहित सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

हम स्वाइप मशीन लेकर क्या करेंगें। हमें बड़ी मुश्किल से सौ ड़ेढ़ सौ रुपए का धंधा करना रहता है। हमारी स्थिति देखकर कोई हमारे पास बड़े नोट लेकर भी नहीं आते। लोग समझदार हैं, उन्हें पता रहता है कि हम दिनभर में पांच सौ का धंधा नहीं कर पाते। ज्यादा अच्छा होगा मशीन के बजाय चिल्हर दे दिया जाए।
रामलाल पुरी, वार्ड क्रमांक एक
गुमास्ता लाइसेंस अभी तक नहीं लिया है अगर जोर दिया जाएगा ले लेंगे। लेकिन मशीन हमारे किसी काम की नहीं रहेगी। और न ही हमारा उतना धंधा चलता है। ज्यादा अच्छा रहता कि मशीन बड़े व्यवसायियों को दंे। हमारे लिए चिल्हर की व्यवस्था हो तो ज्यादा अच्छा।
ननकीराम श्रीवास, 27 खोली
10 से 20 रुपए का पंक्चर बनाने वाले मशीन रखकर क्या करेगें। दिनभर साइकिल और बाइक में हवा डलवाने वाले आते हैं। ग्राहकों को पता है कि इस दुकान में चिल्हर लेकर जाना ही उचित होगा, इसलिए हमें बड़े नोट नहीं देते। हमारे पास बड़ा नोट सौ रुपए का ही होता है लोग पांच सौ रुपए देने से पहले सोचते हैं।
शिव, साइकिल स्टोर, प्रताप चौक,

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