व्यापारियों को नहीं मिल पा रही स्वाइप मशीनें, 300 स्वाइप मशीनों के लिए एसबीआई ने मांगी मोहलत

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Dec, 02 2016 10:57:00 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
व्यापारियों को नहीं मिल पा रही स्वाइप मशीनें, 300 स्वाइप मशीनों के लिए एसबीआई ने मांगी मोहलत

विजन 2020 के तहत देश में अगले चार वर्षों तक 10 लाख स्वाइप मशीन लगाए जाने की योजना प्रस्तावित थी। लेकिन नोटबंदी के बाद हाल ये कि इतनी मशीनें तो इसी साल लगानी पड़ेंगी।

बिलासपुर.  नोटबंदी के बाद से नोटों की किल्लत और घटती ग्राहकी से परेशान शहर के कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों में स्वाइप मशीन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया। लेकिन डिमांड के मुताबिक उन्हें यह मशीन नहीं मिल पा रही हैं। 300 स्वाइप मशीनों की आपूर्ति के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने असमर्थता जताते हुए मोहलत मांगी है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने पहली किस्त में 200 स्वाइप मशीनें अगले सप्ताह तक उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। विजन 2020 के तहत देश में अगले चार वर्षों तक 10 लाख स्वाइप मशीन लगाए जाने की योजना प्रस्तावित थी। लेकिन नोटबंदी के बाद हाल ये कि इतनी मशीनें तो इसी साल लगानी पड़ेंगी। अब इस योजना को संशोधित करते हुए मार्च 2017 तक 10 लाख मशीन लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है। नोटबंदी के प्रमुख प्रयोजनों में  कालेधन को बाहर निकालना तो शामिल है साथ ही कैशलेस ट्रांजैक्शन की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है, जिससे कैश की बढ़ती मांग को नियंत्रित किया जा सके। सरकार की मंशा है कि अगले कुछ महीनों में कैश व कैशलेस ट्रांजैक्शन को 50-50 के अनुपात पर लाया जाए।

आरबीआई मुंबई से जारी होंगी स्वाइप मशीनें

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को शहर के 300 लोगों द्वारा स्वाइप मशीन के लिए आवेदन दिया गया है। फार्मेलिटी पूरी करने के बाद समस्त दस्तावेजों को आरबीआई के मुंबई हेडक्वार्टर भेज दिया गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद  एप्रूवल जारी किए जाएंगे। आईडी नंबर (टर्मिनल आइडेंटिटी नंबर) जनरेट होने के बाद आरबीआई द्वारा आपूर्तिकर्ता कंपनी को इंडेंट भेजा जाएगा। इसके बाद कंपनी द्वारा न सिर्फ मशीन की आपूर्ति की जाएगी बल्कि इंस्टालेशन भी कंपनी के अधिकृत कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। इस प्रक्रिया में ही डिले हो रहा है। संभावना है कि अगले एक-दो सप्ताह में स्वाइप मशीन की आपूर्ति की जा सके।

लैंडलाइन कनेक्शन के लिए करना होगा इंतजार

स्वाइप मशीन को इंस्टाल कराने के बाद इसे एक्टिवेट कराने के लिए लैंडलाइन कनेक्शन की जरूरत होगी।  बीएसएनएल के पास फिलहाल पेंडिंग लैंड लाइन कनेक्शन की लिस्ट इतनी लंबी है कि यदि आज आवेदन किया जाए तो 15 दिनों से अधिक प्रतीक्षा करनी होगी। हालांकि बीएसएनएल प्रबंधन का कहना है कि आवश्यकता पडऩे पर तीन दिनों में लैंड लाइन कनेक्शन दिया जा सकता है।
स्वाइप मशीन खरीदी में बरती जा रही गोपनीयता  
स्वाइप मशीन खरीदी में भी आरबीआई द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर गोपनीयता बरती जा रही है। मशीन का प्रोक्योरमेंट कहां से किया जा रहा है। इस संबंध में कोई खुलासा नहीं किया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार टर्मिनल आईडेंटिफिकेशन से लेकर इंस्टालेशन तक की जिम्मेदारी आरबीआई के देखरेख में संपन्न की जा रही है। इसे आरबीआई द्वारा अप्रूवड कंपनियों से ही कराया जा रहा है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned