बीयू की कुलसचिव अनंत के खिलाफ परिवाद दायर

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Jun, 20 2017 12:51:00 (IST)

bilaspur
बीयू की कुलसचिव अनंत के खिलाफ परिवाद दायर

समय पर जवाब नहीं मिलने के कारण डीएलएस के संचालक ने कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट में कॉलेज संचालक और दो प्रोफेसरो के बयान दर्ज हुए हैं।

बिलासपुर. बिलासपुर यूनिवर्सिटी की कुलसचिव इंदु अनंत और डीएलएस कॉलेज के बीच चल रहा विवाद न्यायालय तक पहुंच गया है। नैक की टीम से कॉलेज के कर्मचारियों द्वारा दुव्र्यवहार करने की झूठी रिपोर्ट पर कॉलेज संचालक ने कुलसचिव को 10 करोड़ के मानहानि का नोटिस भेजा है। जवाब के लिए उन्होंने 24 घंटे का समय दिया है। समय पर जवाब नहीं मिलने के कारण डीएलएस के संचालक ने कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट में कॉलेज संचालक और दो प्रोफेसरो के बयान दर्ज हुए हैं। परिवाद पर कोर्ट आदेश 1 जुलाई को जारी करने तिथि निर्धारित की है।अधिवक्ता जुगल पाण्डेय ने बताया कि सरकंडा स्थित डीएलएस कॉलेज में 3 जून को नैक की टीम निरीक्षण करने आई थी।

 दूसरे दिन बीयू की कुलसचिव इंदु अनंत ने इस बात का खुलासा किया था कि नैक की टीम को कॉलेज के प्राध्यापको ने बंधक बनाकर अपनी मंशा के अनुरूप रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव डालते हुए दुव्र्यवहार किया था। उनके बयान के बाद अखबारों में खबरें प्रकाशित हुई थी। नैक की टीम ने कॉलेज के खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई थी। 16 जून को कॉलेज के संचालक बसंत शर्मा ने कुलसचिव अनंत को 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस जारी किया था।

नोटिस का जवाब 24 घंटे में देने कहा था। जवाब नहीं मिलने पर बसंत शर्मा ने जिला न्यायालय स्थित जेएमएफसी एचके रात्रे की अदालत में भादवि की धारा 500, 502, 469 के तहत परिवाद दायर किया, जिसमें झूठी और भ्रामक जानकारी अखबारों में छपवाने के कारण कॉलेज को आर्थिक मानसिक और शारीरिक क्षति के रूप में 10 करोड़ का मानहानि शिकायत करते हुए अपराध दर्ज करने की मांग की। कोर्ट में बसंत शर्मा, कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर एमएम परिहार और डॉ. ए लाल का बयान दर्ज किया गया। कोर्ट ने मामले में 1 जुलाई को आदेश जारी करने की तिथि निर्धारित की है।

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