'महापुरुष कभी किसी को संसार का सामान नहीं देतेÓ

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Apr, 21 2017 12:17:00 (IST)

bilaspur
'महापुरुष कभी किसी को संसार का सामान नहीं देतेÓ

लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के मैदान में कृपालु महाराज की शिष्या श्रद्धालुओं का कर रहीं मार्गदर्शन

बिलासपुर. वास्तविक महापुरुष कभी भी किसी को संसार का सामान नहीं देते। महापुरुष जानते हैं ये संसार नशा पैदा करता है, अहंकार पैदा करता है, जो अहंकार जीव को ईश्वर से विमुख कर देता है। जैसे हितैषाी माता-पिता अपने पुत्र को जहर पीते नहीं देख सकते, उसी प्रकार महापुरुष भी जीव का पतन होते नहीं देख सकते।

महापुरुष रिद्धी-सिद्धी के चमत्कार भी नहीं दिखाते, अपितु जो बाबा लोग इन सिद्धियों का चमत्कार दिखा कर लोगों को भरमाते हैं, वो नरकीय लोकों को प्राप्त होते हैं। यह बातें कृपालु महाराज की शिष्या एवं प्रचारिका श्रीश्वरी देवी ने गुरुवार की शाम श्रद्धालुओं से महापुरुष के विषय में बताते हुए कहीं।

श्री राधे-राधे सत्संग समिति की ओर से लाल बहादुर शास्त्री मैदान में चल रहे दिव्य दार्शनिक प्रवचन में कृपालु महाराज की शिष्या श्रीश्वरी देवी ने महापुरुष के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि भागवत में भगवान अपने श्री मुख से स्वंय कहते हंै कि जो मुझसे प्रेम करते हैं वो रिद्धि-सिद्धी के चमत्कार इत्यादि के चक्कर में कभी नहीं पड़ते।

मेरे वास्तविक भक्त तो ये रिद्धी-सिद्धी देने पर भी ठुकरा देते हैं। वास्तविक महापुरुष श्राप नहीं देते महापुरुषों का हृदय तो इतना कोमल होता है कि जो उनका अहित करते हैं, उनका भी वो हित ही सोचते हैं। अतएव अनिष्ठ करने के दृष्टिकोण से कोई महापुरुष श्राप नहीं दे सकता।

इसी प्रकार से वास्तविक महापुरुष आर्शीवाद भी नहीं देते। बिना शरणागति के बिना साधना के कोई भी महापुरुष किसी जीव को आशीर्वाद नहीं दे सकता। सर्वप्रथम जीव को किसी वास्तविक संत की पूर्ण शरणागति करनी होगी और उनके सानिध्य में रह कर ही साधना करनी होगी। साधना करते-करते जब अंत:करण पूर्ण शुद्ध हो जाएगा, तब वही महापुरुष हमें आशीर्वाद देंगे अर्थात् कृपा करेंगे और तत्काल हमें ईश्वर की प्राप्ति हो जाएगी।

इसी को दीक्षा देना कहा गया है, शास्त्रों में। अर्थात् वास्तविक महापुरुष अंत:करण की शुद्धि के पश्चात् ही जीव को दीक्षा देता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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