एपीएस के डायरेक्टरों को पकडऩे गुजरात और गुडग़ांव पहुंची पुलिस

Kajal Kiran Kashyap

Publish: Jun, 20 2017 12:29:00 (IST)

bilaspur
एपीएस के डायरेक्टरों को पकडऩे गुजरात और गुडग़ांव पहुंची पुलिस

मुंबई से खाली हाथ लौटने के बाद दोबारा भेजी गई टीम, एपीएस के डायरेक्टरों ने फर्जी नाम और पते के जरिए की अरबों की धोखाधड़ी

बिलासपुर. अरबों रुपए लेकर भागने वाली गुडग़ांव की एपीएस (ऑल प्रोसेस सोर्स साल्युशन प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी के डायरेक्टरों के नाम और पते फर्जी निकलने के बाद पुलिस ने जालसाजों की पतासाजी तेज कर दी है। सिविल लाइन पुलिस के साथ विशेष टीम और साइबर सेल के सदस्यों को गुजरात और गुडग़ांव भेजा गया है।

दोनों राज्यों में पुलिस टीमें  एपीएस के डायरेक्टरों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। एपीएस के डायरेक्टर  राघवेन्द्र सिंह सलूजा, निखिल उर्फ निकलख प्रकाश और देवकुमार के  साथ शहर के इंदू चौक स्थित सेमटाइम कंपनी के डायरेक्टर आशीष सिन्हा और विनोबा नगर स्थित आराध्य बीपीओ के संचालक नितेश चौबे ने शहर के लोगों को विदेशी किताबों को स्कैन कर पीडीएफ फाइल बनाने का काम दिया था।

एक पन्ने का पीडीएफ बनाकर देने पर साढ़े 6 रुपए का भुगतान करने का झांसा देकर कंपनी के डायरेक्टरों ने लोगों से सिक्यूरिटी मनी के नाम पर अरबों रुपए जमा कराए। इसके बाद बोरिया-बिस्तर लेकर फरार हो गए। इस फर्जीवाड़े में सेमटाइम और आराध्य बीपीओ के संचालक भी शामिल हैं। पुलिस ने 6 जून को कंपनी के संचालकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।

9 जून को पुलिस के सामने सरेंडर करने वाले सेमटाइम के डायरेक्टर आशीष ने पुलिस को बताया था कि लोगो से रकम लेकर उसने एपीएस कंपनी के खाते में जमा कराई थी। सेमटाइम के डायरेक्टर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस टभ्ीम मुंबई गई थी, लेकिन वहां आरोपी हाथ नहीं लगे। अब पुलिस टीम गुजरात व गुडग़ांव रवाना हुई है।

गुडग़ांव क्राइम ब्रांच के खुलासे से उड़ी नींद : गुडग़ांव क्राइम ब्रांच भी एपीएस के डायरेक्टरों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। कुछ दिनों पूर्व गुडग़ांव क्राइम ब्रांच ने बिलासपुर पुलिस को बताया था कि एपीएस के डायरेक्टर राघवेन्द्र सिंह सलूजा का नाम और पता फर्जी है। उसने वोटर आईडी कार्ड समेत सभी परिचय पत्रों में पता मुरादाबाद का लिखवाया था, लेकिन जांच में मुरादाबाद में राघवेन्द्र सिंह सलूजा नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। बताया जा रहा है कि राघवेन्द्र ने फर्जी नाम के जरिए करोड़ों रुपए हड़पने के बाद उसे एक बिल्डर के प्रोजेक्ट में लगा दिया है।

गुजरात और गुडग़ांव में मिला था अंतिम लोकेशन : एपीएस के डायरेक्टर राघवेन्द्र, निखिल प्रकाश और देवकुमार द्वारा उपयोग किए गए मोबाइलों का लोकेशन अंतिम बार गुजरात और गुडग़ांव में मिला था। पुलिस टीम 17 जून को सड़क मार्ग से गुजरात और गुड़ागांव भेजी गई है। टीम में सिविल लाइन पुलिस के साथ-साथ विशेष टीम के सदस्य और साइबर सेल की  टीम के सदस्य शामिल हैं।

लगाया कैंप, हर ठिकाने पर दबिश ; पुलिस की दोनों टीमों ने गुडग़ांव और गुजरात में कैंप लगाया है। आरोपी डायरेक्टरों के मोबाइल लोकेशन जिन स्थानों पर मिले थे, वहां पुलिस दबिश दे रही है। वहीं पुलिस ने एपीएस के खाते से निकाले गए अरबों रुपए जिस बिल्डर के प्रोजेक्ट में लगाए गए हैं, उसकी भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

फोटो के जरिए तलाश : एपीएस के डायरेक्टरों की पहचान के लिए पुलिस के पास सिर्फ उनकी तस्वीर है। पुलिस के पास आरोपियों के नाम तक नहीं हंै। टीम ने गुजरात और गुडग़ांव के पुलिस रिकार्ड धारियों के फोटो से आरोपियों की तस्वीरों का मिलान करने के साथ-साथ बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्रोजेक्ट में इनवेस्ट करने वाले व्यक्तिों की पड़ताल शुरू कर दी है।

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