वन्य जीवों की जमीन नहीं बचा पा रहा है विभाग

Shribabu Gupta

Publish: May, 19 2017 05:34:00 (IST)

Bokaro, Jharkhand, India
वन्य जीवों की जमीन नहीं बचा पा रहा है विभाग

अमनारी जंगल का सीमांकन कराये जाने के बाद ग्रामीणों ने देखा कि वन विभाग की जमीन को छोड़कर सीमांकन कराया गया है, तब ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू किया...

टाटीझरिया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रसिद्धि बटोर चुके टाटीझरिया के वन भूमि को बचा पाने में विभाग असफल दिख रहा है । ऐसा ही मामला अमनारी में आया है जहां स्थानीय लोगों धानेश्वर पासवान पर वन भूमि में डोभा निर्माण का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत से इसने ऐसा किया है। अमनारी जंगल का सीमांकन कराये जाने के बाद ग्रामीणों ने देखा कि वन विभाग की जमीन को छोड़कर सीमांकन कराया गया है, तब ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू किया। जंगल के जमीन जो बाहर छोड़ा गया उस पर धानेश्वर पासवान अपना अधिकार जमाये हुऐ हैं।

इस प्रकार ग्रामीण शम्भू प्रसाद, अशोक कुमार, वरुण कुमार, रामचंद्र महतो, महावीर महतो, ज्ञानी महतो, दशरथ महतो, संतोष प्रसाद, राजकुमार सिंह, गंदौरी सिंह, छोटी सिंह, काली सिंह, निरंजन प्रसाद, गोपाल प्रसाद, उमेश प्रसाद, सुरेश राम, किशुन रविदास, रामविलास ने वन विभाग पर आरोप लगाया है कि पैसे लेकर जंगल का जमीन बेचने का काम विभाग के चंद अधिकारी कर रहें हैं । इसी कडी में लगभग 20 एकड़ भूमि श्री पासवान के लिये छोड़ दिया गया है।

ग्रामीणों ने ये भी कहा कि जंगल से निकाले गए जमीन में तीन डोभा धनेश्वर ने बनाया है, जो जांच का विषय है। कई सखुआ के पेड़ इस जमीन पर लगे हैं। इसका पता तब चला जब विभाग के अमीन निरीक्षक अयोध्या नायक स्थल पर पहुंचकर नापी की , तब ग्रामीणों की नज़रें खुली । ग्रामीणों ने कहा है कि इस जमीन को जब तब जंगल में शामिल नही किया जाता है तब तक हमलोग आंदोलन करते रहेंगे।

जो ट्रेंच कटाया गया है वह वन सीमा में नही है, बल्कि वह पौधा के सुरक्षा के लिये करवाया गया है। बाद में हमलोग अमीन ले जाकर वन सीमा का निर्धारण कर पीलर गाड़ेंगे। बताते चलें कि अमनारी के जंगल और जमीन में चल रहे मनमानी का शिकायत वन्य प्राणी सुरक्षा समिति के संस्थापक एवं पर्यावरणविद् महादेव महतो नें भी आला अधिकारियों से की है परंतु अभी तक इस पर किसी भी प्रकार का कार्रवाई नहीं की गई है। अब आनेवाले वक्त में टाटीझरिया वन संरक्षण के लिऐ जाने जाना वाला प्रखंड पर क्या होगा ये देखने वाली बात होगी।

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