पूर्व विधायक का वक्फ बोर्ड की भूमि पर कब्जा

Editorial Khandwa

Publish: Jul, 17 2017 02:05:00 (IST)

Burhanpur, Madhya Pradesh, India
पूर्व विधायक का वक्फ बोर्ड की भूमि पर कब्जा

झूठी किरायदारी बताई तो एफआईआर  एमागिर्द कब्रस्तान कमेटी के अध्यक्ष ने की थी शिकायत पूर्व विधायक बोले आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेसियों को बना रहे निशाना

बुरहानपुर. वक्फ बोर्ड की भूमि पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री व पूर्व विधायक हमीद काजी का कब्जा बना हुआ है। किरायेदारी समाप्त होने के बाद भी अब तक भूमि को खाली किया है न इसका किराया दिया है। इस पर वक्फ बोर्डकमेटी ने उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित किया है। साथ ही वक्फ ने यह भी आदेश जारी किए है कि काजी का यहां पर कोई किरायेदारी नहीं है वे झूठे कागज प्रस्तुत करते हैं, तो उन पर एफआईआर दर्ज की जाए।
गणपति नाका के पास एमागिर्द कब्रस्तान कमेटी को बाउंड्रीवॉल करते समय वक्फ की भूमि पर किरायेदारी बताने वाले हमीद काजी ने यह कहकर काम रुकवाया था कि यह जमीन वक्फ की है और इस पर मेरी किरायेदारी है। जब एमागिर्द कब्रस्तान कमेटी के अध्यक्ष प्यारे साहब अशरफी ने इसकी शिकायत मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शौकत मोह?मद खान को शिकायत की तो उन्होंने कहा कि काजी की कोईकिरायेदारी नहीं है। बोर्ड ने अशरफी को लिखे पत्र में कहा कि खसरा नंबर 222 की भूमि वक्फ संपत्ति कब्रस्तान एमागिर्द वक्फ बोर्डकार्यालय में दर्ज है। आजाद नगर सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष व पूर्वविधायक हमीद काजी के नाम से यह भूमि मप्र वक्फ बोर्ड में कोईकिरायेदारी नहीं है।
किराये पर जमीन लेकर किया पक्का निर्माण
हमीद काजी ने वक्फ भूमि किराये पर लेकर यहां पर पक्का निर्माण कर लिया। वक्फ बोर्ड का कहना हैकि नियम से बाहर आकर यह निर्माण किया गया है, जबकि नियम अनुसार भूमि पर निर्माण नहीं कर सकते। यह मप्र वक्फ बोर्डका कहना है।

ऐसे सामने आया पूरा मामला
वक्फकी खसरा नंबर 222 की भूमि की देखरेख के लिए एमागिर्द कब्रस्तान कमेटी को सौंपा है।इसके अध्यक्ष प्यारे साहब अशरफी ने वक्फ के प्रदेश अध्यक्ष को शिकायत में बताया कि कब्रस्तान के संरक्षण और यहां स्थित ईदगाह की बाउंड्री वॉल बनाने के लिए योजना बनाई गई है। लेकिन इस काम में पूर्व विधायक हमीद काजी द्वारा बाधा डाली जा रही है। जिसके चलते मुस्लिम समाज के कल्याण संबंधी काम रुके हुए हैं। उन्होंने अवगत कराया कि हमीद काजी द्वारा इस वक्फ की भूमि को खुद की किरायादारी की बता रहे हैं। इस शिकायत पर यह मामला पूरा सामने आया।
2013 से चल रहा मामला
गौरतलब है कि पूर्व में बोर्ड द्वारा हमीद काजी के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 924/11, 929/11, 930/11, 931/11 के केस धारा 54 में प्रस्तुत किए गए हैं। इन प्रकरणों के अनावेदक हमीद काजी के खिलाफ 19 जून 2013 को वक्फ अधिनियम 1995 के तहत आदेश पारित कर अतिक्रमण घोषित किया गया है। यह प्रकरण मप्र राज्य वक्फ अभिकरण में चल रहा है।
 
कोई किरायेदारी नहीं
मप्र वक्फ बोर्डके अध्यक्ष शौकत मोहम्मद खान ने कहा कि काजी की कोई किरायेदारी नहीं है, सब किरायेदारी उनकी निरस्त हो चुकी है। जमीन वापस कराने का प्रकरण विभिन्न न्यायालय में चल रहा है। झूठी किरायेदारी पेश करने पर एफआईआर के आदेश दिए हैं।
यह बोले पूर्वविधायक
पूर्वविधायक हमीद काजी का कहना है कि वक्फबोर्डकी मानसिकता खराब है।मेरे पास वक्फकी कोईजमीन नहीं है न ही मैं अतिक्रमणकारी हूं। तिब्बिया कॉलेज और स्कूल चलती है किरायेदारी देते आए हैं।असामाजिक तत्व सरकारी का दुरुपयोग कर रहे हैं। संस्था का मैं एक अध्यक्ष हूं इसका मतलब यह थोड़ी की उस जमीन पर मैंने कब्जा कर लिया। एक इंच भी जमीन मेरे पास वक्फकी हैनहीं। तिब्बिया कॉलेज और स्कूल की जमीन किरायेदारी में हैं। उस पर भवन बन गए हैं लगातार यह चलता रहता है। नईसरकार आती हैनए उलट पुलटकरते हैं।सब भाजपा के हथकंडे है आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेसियों को निशाना बनाया जा रहा है।

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