मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सबसे ज्यादा एचआईवी पॉजीटिव लोग, 2016 में 38 की मौत

Editorial Khandwa

Publish: Dec, 01 2016 06:21:00 (IST)

Burhanpur, Madhya Pradesh, India
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सबसे ज्यादा एचआईवी पॉजीटिव लोग, 2016 में 38 की मौत

 25 से 34 साल की उम्र में 474 मरीज चिन्हित  चार साल में 161 की मौत

बुरहानपुर. एड्स की भयावह बीमारी की स्थिति बुरहानपुर में बेकाबू है। इसमें सबसे अधिक युवा एचआईवी पॉजीटिव पाए जा रहे हैं। 25 से 34 साल की उम्र के 474 युवा एड्स रोगी निकले हैं। जबकि चार साल में 161 ने दम तोड़ दिया है।इसमें सभी वर्ग के एड्स पीडि़त शामिल है।इस साल 35 की मौत हुई है। मृतक में 38 मरीज ऐसे हैं, जो टीबी की बीमारी भी साथ में झेल रहे थे। लगातार बढ़ते मरीजों पर विभाग चुप्प है। फिर इस साल एड्स दिवस पर जागरुकता रैली निकालकर औपचारिकता निभाई जाएगी।
 प्रदेश में 50 हजार से अधिक एड्स मरीजों की संख्या में बुरहानपुर जिला भी उच्च पायदान पर है। 2007 से 2016 तक की रिपोर्ट बताती हैकि 1204 मरीज एड्स से पीडि़त पाए गए हैं। लेकिन यह सरकारी आंकड़े हैं, जबकि निजी अस्पतालों से यह संख्या अब तक नहीं मिली है। इस बीमारी के बढऩे का मुख्य कारण लोगों में जागरुकता का अभाव और शासन-प्रशासन की लापरवाही इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं। प्रशासन ने जरूर खुले आम चल रहे देह व्यापार को बंद करा दिया, लेकिन अब भी यह शहर के कई क्षेत्रों में यह काम जारी है। एड्स की रोकथाम के लिए सुविधाओं की बात करें तो हालात बहुत बुरे हैं।अब तक पीडि़तों के लिए पुनर्वास केन्द्र नहीं है।
 जबकि बुरहानपुर प्रदेश के दो अन्य जिलों के साथ ही संवेदनशील घोषित किया गया है। वहीं चिकित्सालय में एड्स रोगियों के लिए हेल्प लाइन नहीं है। बिना सामने आए व्यक्ति को फोन पर एड्स की जानकारी नहीं मिल पाती। केवल जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर खुला है, जहां मरीजों को नि:शुल्क दवाई वितरित की जाती है। लेकिन सीडी -4 मशीन नहीं है, जो यह बताती है कि एड्स पीडि़त की बॉडी में कितना एचआईवी का संक्रामण है।इसी आधार पर दवाईतय होती है यह जांच खंडवा के भरोसे हैं।
्रएड्स की साल दर साल रिपोर्ट
वर्ष    जांच    पॉजीटिव    पुरुष    महिला
2006    645    109    82    27
2007    2852    184    101    83
2008    2690    129    60    69    
2009    4051    148    89    59
2010    4170    120    62    58
2011    4788    87    51    36
2012    7445    89    55    34
2013    7428    84    55    29    
2014    9146    118    57    61
2015    8198    72    43    29
नवंबर 16    7986    63    42    22
टोटल     59545    1204    697    506
उम्रवार की स्थिति
आयु    पुरुष    महिला    योग
0-14    40    37    77
15-24    58    97    155
25-34    260    214    474
35-49    252    126    378
50+    86    34    120
योग    696    508    1204
एड्स मरीज घबराए नहीं
नोडल अधिकारी डॉ. हर्ष वर्मा ने कहा कि एड्स होने पर मरीज घबराए नहीं। दवाई लेने पर पीडि़त जिंदा रह सकता है। बुरहानपुर में सभी सुविधाएं दी जा रही है। आसानी से दवाई उपलब्ध हो जाती है। सीडी-4 की जांच मशीन भले ही न हो, लेकिन खंडवा में सेंपल लेकर जाकर जांच हो जाती है। नए अस्पताल में यह सुविधा भी शुरू हो जाएगी।
- बीमारी की रोकथाम के लिए जनचेतना आना चाहिए। केवल एक दिन रैली निकालकर जानजाग्रति लाना संभव नहीं है। इसके लिए आए दिन आयोजन करना जरूरी है। - मनोज अग्रवाल, समाज सेवी
- एड्स की रोकथाम के लिए जगह-जगह शिविर चल रहे हैं। जहां नए मरीज भी मिले हैं। अब बुरहानपुर में आसानी से इसका इलाज के लिए दवाई मिल रही है। - डॉ. हर्ष वर्मा, नोडल अधिकारी एड्स नियंत्रण केंद्र
20 गर्भवती महिलाएं एड्स पॉजीटिव
13 बच्चों की सुरक्षित डिलेवरी कराई
18 माह बाद पता चलता हैशिशु में एड्स की स्थिति
161 की मौत 4 साल में
38 ने अप्रैल 15 से अब तक में तोड़ा दम

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