दौड़ती ट्रेन के एसी कोच में शराब और सिगरेट सब हाजिर 

burhanpur
 दौड़ती ट्रेन के एसी कोच में शराब और सिगरेट सब हाजिर 

mp.patrika.com  ने ट्रेनों में पड़ताल की तो पता चला कि ज्यादा पैसे दीजिए चलती ट्रेन में शराब से लेकर सिगरेट तक सब कुछ हाजिर है। देखें ये वीडियो स्टिंग 

संजय दुबे. भाई साहब... विस्की मिलेगी। अटेंडर व वेंडर कहते हैं, हां मिलेगी न, बोलो कौन सी ब्रांड की होना आपको। सब ब्रांड की मिल जाएगी। एक विशेष ब्रांड का नाम बताया और लाने को कहा। सिर्फ 6 मिनट में शराब की बोतल हाजिर। हाथ में बोतल देने के बाद 400 रुपए मांगे। भइया ये तो बहुत सस्ता मिलता है। तो जवाब मिला- ये होटल या ढाबा नहीं है 100 की स्पीड में दौड़ती ट्रेन है। जितने मांगे हैं उतने ही दो। वरना मैं चला। ये बातचीत mp.patrika.com रिपोर्टर और पंजाब मेल के स्लीपर कोच एस-10 में वेंडर के बीच हुई। यानी मुंबई-फिरोजपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में शराब की बोतल की डिमांड की तो कुछ ही मिनटों में उपलब्ध करा दी गई। हां कीमत कुछ ज्यादा थी। सौदेबाजी के दौरान अचानक जीआरपी का बंदूकधारी जवान भी आ पहुंचा। लेकिन वेंडर डरे नहीं, बोले बिना इन्हें लिए-दिए हम ट्रेन में धंधा कर ही नहीं सकते।
 
 
 
Cigarette in Indian Railway
सचखंड में 8 की सिगरेट 20 रुपए में
बुरहानपुर से खंडवा का सफर। सचखंड सुपरफास्ट में समय रात 8 बजे। घंटेभर के सफर में एसी बी-1 में अटेंडर से सिगरेट मांगी। अटेंडर ने तुरंत लाकर दी और 20 रुपए मांगा। जबकि ये सिगरेट तो मात्र 8 रुपए की है ? तो वह बोला, खरीदना हो तो बोलो। वरना बहुत ग्राहक हंै। काफी बहस के बाद आखिर 20 रुपए प्रति नग ही सिगरेट बेची। वेंडर को कुछ शंका हुआ तो विस्की देने से इंकार कर दिया।




 Liquor in Indian Railway
पंजाब में 180 का क्वार्टर 400 में
खंडवा से बुरहानपुर का सफर। समय रात 10.15 मिनट। मुंबई-फिरोजपुर सुपरफास्ट पंजाब मेल। कोच एस-10 में विस्की की डिमांड की। पत्रिका टीम ने दो यात्रियों के सहयोग से अवैध वेंडर से ब्रांडेड शराब की बोतलें मांगी। जिसे वेंडर कुछ ही मिनटों में लेकर आ गया। क्वार्टर की कीमत 180 रुपए थी, जिसे 400 रुपए में बेचा गया। ठंडा के समय में भी रात तो छोडि़ए, दिन भी इन वेंडरों से जो मांगों वह आसानी से मिल जाएगा।


फैक्ट फाइल
130: किमी खंडवा-भुसावल की दूरी
80: ट्रेनों की रोजाना आवाजाही
42: आरपीएफ के जवान सुरक्षा में
38: जीआरपी के जवान सुरक्षा में
250: से अधिक अवैध वेंडर
1000: रुपए प्रति महीना वेंडर से

भुसावल-खंडवा के बीच 250 वेंडरों का जाल
-  मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के दो रेलवे जंक्शन के बीच दूरी मात्र 130 किमी है।
- जिसके बीच में 6 से 7 छोटे-बड़े स्टेशन आते हैं।
- रोजाना 80 ट्रेनों की आवाजाही इस रूट पर रहती है।
- 250 से अधिक अवैध वेंडरों का जाल फैला है।
- वेंडरों के एक-एक डिब्बे और ट्रेनें फिक्स हैं।
- कोच में लाइसेंसी वेंडर की तुलना यह 10 गुना ज्यादा होते हैं।


 

जीआरपी-आरपीएफ की मिलीभगत
रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रेनों के भीतर तक बड़े पैमाने पर अवैध वेंडर धंधा कर रहे हैं। दादागिरी के साथ ही ये यात्रियो से बदसलूकी करते हैं। भुसावल से दोनों सुरक्षाबलों के जवान खंडवा तक आकर वेंडरों से वसूली करते हैं और खंडवा के जवान भुसावल तक जाकर महीना वसूलते हैं।



नोटिस जारी करेंगे
 ट्रेनों में शराब-सिगरेट बिक रही है तो टीआई को तत्काल नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं आरपीएफ को भी कड़ी निगरानी रखना चाहिए। रेल मंडल को भी अटेंडर-वेंडर पर अंकुश लगाने को कहा जाएगा। 
- टीके विद्यार्थी, एसपी रेल, भोपाल
 

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