मुगलों के खूनी भंडारे का क्या है राज, मिनरल वॉटर से भी शुद्ध है यहां का पानी 

Burhanpur, Madhya Pradesh, India
मुगलों के खूनी भंडारे का क्या है राज, मिनरल वॉटर से भी शुद्ध है यहां का पानी 

 जैसे सूखा था इरान का भंडारा, वैसे ही भंडारा में नौ इंच तक बढ़ी कैल्शियम की परत, संकरा हुआ रास्ता.. यहां का शुद्ध पानी का कभी खत्म नहीं होता। सतपुड़ा की पहाड़ियों से रिसकर सुरंगों में जमा हुआ पानी भूमिगत कुंडियों के माध्यम से शहर में सप्लाय होता है।

चार सौ साल पहले मुगल काल में पानी की यह अद्भुत संरचना बनाई गई थी।

बुरहानपुर.  यह है खूनी भंडारा, यूं तो इसका संबंध खून से नहीं है लेकिन कहलाता खूनी भंडारा ही है। यहां का शुद्ध पानी का कभी खत्म नहीं होता। सतपुड़ा की पहाड़ियों से रिसकर सुरंगों में जमा हुआ पानी भूमिगत कुंडियों के माध्यम से शहर में सप्लाय होता है। इस कारण कुछ लोग इसे कुंडी भंडारा रखा गया है। इसकी आश्चर्यजनक विशेषताओं के कारण यह दुनियाभर के विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय रहा है।
 

चार सौ साल पहले मुगल काल में पानी की यह अद्भुत संरचना बनाई गई थी। यह संरचना आज भी जिंदा है बल्कि शोधकर्ताओं का कहना है कि यहां का पानी मिनरल वॉटर से भी बेहतर है। मिनरल वाटर का औसर पीएच 7.8 से 8.2 होता है जबकि यहां के पानी का 7.2 से 7.5 पीच तक है।


अब्दुल रहीम खानखाना की बनाई ऐतिहासिक धरोहर भंडारे की हालत अब नाजुक स्थिति में पहुंच गई है। भंडारे के अंदर सुरंग नूमा दीवार बनी हुई है, इसी के माध्यम से धरती का पानी रीसता है और यह भंडारे में केनाल के रूप में बहता है, इसी के अंदर कैल्शियम की परत लगातार बढ़ती जा रही है। इतिहासकार कमरूद्दीन फलक ने बताया भंडारे की परत बढ़ रही है। यदि यह परत ऐसे ही बढ़ती गई तो भंडारे के अंदर पानी पहुंचाने वाले स्त्रोत बंद हो जाएंगे। इससे भंडारा सूख सकता है। इरान का भंडारा इसी तरह की लापरवाही के कारण बंद हो गया था। 


25 वर्षों से नहीं कराई सफाई 
1992 में भू-वैज्ञानिक डॉ. यूके नेगी के नेतृत्व में दल ने कुंडी भंडारे की सफाई की थी। इसमें से कैल्शियम की परत को हटाया था। यह सफाई हर 10 वर्षों में की जानी चाहिए। जिससे भंडारे की परत बची रही। यहां भंडारे के अंदर की गाद की सफाई राज्य पुरातत्व विभाग करा चुका है। भंडारे की कुंडियों की संख्या 103 है, इसका पानी शुद्ध है, लालबाग के लोग यह पानी पीने के लिए उपयोग करते हैं। कलेक्टर दीपक सिंह ने कुंडी भंडारे के अंदर प्रवेश पर रोक लगा दी है। ताकि भंडारे को बचाया जा सके। साथ ही सतपुड़ा की पहाडिय़ों पर भी पौध रोपण की योजना तैयार की है। जिससे की पानी की स्त्रोत जीवित रह सके। 

bhandara kundi

25 साल पूर्व कराई थी कैल्शियम की सफाई 
103 कुंडियां है भंडारे की 
1615 में अब्दुल रहीम खानखाना ने बनाया था भंडारा 
100 फीट तक गहरी है भंडारे की कुंडियां 


kundi bhandara


कैप्शूल लिफ्ट लगाने की योजना
कुंडी भंडारे क्षेत्र की पहाडिय़ों पर पौधरोपण करेंगे। कैल्शियम परत की जांच के लिए भू-वैज्ञानिकों का दल बुलाएंगे। यहां पर कैप्शूल लिफ्ट लगाने की योजना है। 
अनिल भोसले, महापौर नगर निगम बुरहानपुर 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned