अल्पसंख्यक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता : नकवी

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अल्पसंख्यक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता : नकवी

नकवी ने मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की 94वीं संचालन परिषद और 53वीं आम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आजाद फेलोशिप योजना पर 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है

नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को बेहतरीन शिक्षा संस्थानों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देना और उनका कौशल विकास केंद्र सरकर की प्राथमिकता है। सरकार की इसी प्रतिबद्धता के तहत मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के लिए 113 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

नकवी ने मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की 94वीं संचालन परिषद और 53वीं आम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आजाद फेलोशिप योजना पर 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है और 2017-18 में 35 लाख से ज्यादा छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्तियां दी जाएगी और 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया हुआ है जिससे अल्पसंख्यकों को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बड़ी वृद्धि की है, जिससे अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तीकरण में मदद मिलेगी। वर्ष 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195.48 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रुपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रुपए अधिक है और इसमेें 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि इस बार बजट का 70 प्रतिशत से ज्यादा धन अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तीकरण एवं कौशल विकास, रोजगारपरक ट्रेनिंग पर खर्च किया जाएगा और बजट का बड़ा भाग विभिन्न छात्रवृत्ति, फेलोशिप और कौशल विकास की योजनाओं जैसे सीखों और कमाओ, नई मंजिल, नई रोशनी, उस्ताद, गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र और बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप पर खर्च किए जाने का प्रावधान है।

नकवी ने कहा कि बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत भी शैक्षिक विकास की गतिविधियों के ढांचागत विकास पर धन खर्च किया जाएगा। मेरिट-कम-मीन्स स्कालरशिप पर 393.5 करोड़ रुपए, प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति पर 950 करोड़ रुपए, पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति पर 550 करोड़ रुपए, सीखो और कमाओ पर पिछले साल के मुकाबले 40 करोड़ रुपए की वृद्धि के साथ 250 करोड़ रुपए, नई मंजिल पर 56 करोड़ रुपए की वृद्धि के साथ 176 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे मंत्रालय के प्रयासों में गरीब नवाज कौशल विकास केन्द्र शुरू करना, छात्राओं के लिए बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप और 500 से ज्यादा उच्च शैक्षिक मानकों वाले आवासीय विद्यालय एवं रोजगार परक कौशल विकास केंद्र शामिल हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के पांच शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रहा है और तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद तथा यूनानी सहित विश्व स्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किए जाएंगे।

नकवी ने बताया कि एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो शिक्षण संस्थानों की रूपरेखा-स्थानों आदि के बारे में चर्चा कर रही है और जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी। यह कोशिश होगी कि यह शिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किए जाने का प्रस्ताव है।

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