SRM AP आंध्र की राजधानी अमरावती का पहला विश्वविद्यालय

Jameel Khan

Publish: Jul, 18 2017 11:21:00 (IST)

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SRM AP आंध्र की राजधानी अमरावती का पहला विश्वविद्यालय

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में विश्वविद्यालय का उद्घाटन आन्ध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू और केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने किया

अमरावती। एसआरएम एपी आंध्रप्रदेश की राजधानी अमरावती का पहला विश्वविद्यालय होगा। इसमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेन्ट, लिबरल आट्र्स, ह्यूमेनिटीज, कानून, मेडिसिन और हेल्थ साइन्स की पढ़ाई की जा सकेगी। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एसआरएम यूनिवर्सिटी एपी-अमरावती ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों जैसे एमआईटी एवं यूसी बर्कले कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, यूएसए के साथ साझेदारी में भारत में पहली बार डिजाइन, इनोवेशन और एन्टरेप्रेन्योरशिप में नए प्रोग्राम पेश किए हैं।

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में शनिवार को विश्वविद्यालय का उद्घाटन आन्ध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू और केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने किया। इस मौके पर नेताओं ने कहा कि अमरावती को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में शामिल करने के लिए यहां उच्च शिक्षा संस्थानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।

एसआरएम एमआईटी कोर्सेज के माध्मय से अपने पाठ्यक्रमों की डिजाइनिंग और विकास के लिए एमआईटी, यूएस (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलोजी) के साथ काम कर रहा है। इन पाठ्यक्रमों में पारम्परिक एवं तकनीकी शिक्षण विधियों के इस्तेमाल द्वारा हाइब्रिड लर्निंग की अवधारणा को शामिल किया जाएगा।

एसआरएम यूनिवर्सिटी एपी-अमरावती के प्रेसीडेंट डॉ. पी. सत्यनारायणन ने कहा, एसआरएम इस डिजिटल दुनिया के लिए लर्निंग की ऐसी विधियों को अपनाएगा, जिनका इस्तेमाल इससे पहले भारत में कभी नहीं किया गया है। हम एक प्रगतिशील पाठ्यक्रम के निर्माण के लिए अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ काम कर रहे हैं। हम अपने क्लासरूम के पारम्परिक तरीकों से हटकर प्रोजेक्ट्स एवं लैब कोर्सेज के माध्यम से एप्लीकेशन उन्मुख लर्निंग पर जोर देंगे।

फैकल्टी की भर्ती के लिए भी कुछ इस तरह की रणनीति का इस्तेमाल किया गया है कि 90 फीसदी फैकल्टी के पास अन्तरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव है और सभी फैकल्टी सदस्यों ने विदेशी विश्वविद्यालयों, आईआईटी एवं आईआईएस संस्थानों से पीएचडी की है। विभिन्न विषयों में तकरीबन 30 फैकल्टी सदस्यों को नियुक्त किया गया है और 20 फीसदी से ज्यादा फैकल्टी विदेशी राष्ट्रीयता से हैं।

एसआरएम एपी के प्रो-वाईस चांसलर डॉ. नारायण राव ने कहा, यूनिवर्सिटी आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए रीन्यूएबल एनर्जी, सेटेलाइट टेक्नोलोजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लू इकोनोमी, आर्टीफिशियल इन्टेलीजेन्स एवं मशीन लर्निंग, रोल्स रॉयस-एसआरएम कोरपोरेट लैबोरेटरी, जल-जनक रेल एनर्जी और सीआरआईएसपीआर में सेंटर ऑफ एक्सीलेन्ट भी स्थापित करेगी। विश्वस्तरीय इनोवेटर्स और ग्लोबल लीडर्स को बनाने के लिए सेमेस्टर अबरॉड प्रोग्राम और कम्पनी इंटर्नशिप्स भी उपलब्ध होंगे।

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