तीन तलाक के बहाने अशोक खेमका ने कपिल सिब्बल पर साधा निशाना

Yuvraj Singh

Publish: May, 18 2017 01:48:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
तीन तलाक के बहाने अशोक खेमका ने कपिल सिब्बल पर साधा निशाना

टवीट कर अदालत में दिए तर्क को बताया गलत, ढींगरा आयोग मामले में हुड्डा की पैरवी कर रहे हैं सिब्बल

चंडीगढ़। देश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर टवीट पर टिप्पणी करने के लिए मशहूर अशोक खेमका अब तीन तलाक के मुद्दे में कूद पड़े हैं। तीन तलाक के मामले पर जहां देशभर में विवाद छिड़ा हुआ है वहीं अशोक खेमका ने टवीट करके भगवान राम के जन्मस्थान की तुलना तीन तलाक से करने पर सवाल उठाए हैं। इस बार अशोक खेमका के निशाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल हैं।

तीन तलाक आज का ज्वलंत मुद्दा है। बीती 11 मई से सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोजाना सुनवाई करने का फैसला किया है। इसकी सुनवाई जस्टिस खेहर की अगुवाई में 5 जजों की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच कर रही है। इस मामले में कांग्रेस नेता एवं मशहूर वकील कपिल सिब्बल ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील हैं।

कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के मसले पर कहा कि तीन तलाक 637 ईसवीं से है। इसे गैर इस्लामिक बताने वाले हम कौन होते हैं। मुस्लिम इसे 1400 साल से मानतें हैं। यह आस्था का मामला है। जैसे मेरी आस्था इसमें है कि राम का जन्म अयोध्या में हुआ, अगर राम को लेकर आस्था पर सवाल नहीं उठाए जा सकते तो तीन तलाक पर क्यों? यह सारा मामला आस्था से जुड़ा है।

कपिल सिब्बल के इस बयान की जहां सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है वहीं हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका ने भी इस मुद्दे पर टवीट किया है। खेमका ने कहा है कि प्रभु राम के जन्मस्थल की तुलना तीन तलाक से करना विकृत मानसिकता का परिचायक है। खेमका ने भगवान राम के जन्म संबंधी सिब्बल द्वारा दिए गए तर्क को कहा है कि पहला तर्क सत्य है और दूसरा तर्क स्त्री-शोषण व कुप्रथा का परिचायक है।

कपिल सिब्बल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग के गठन पर सवाल खड़े करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की याचिका में पैरवी कर रहे हैं। सिब्बल पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के वकील हैं और यहां अक्सर अदालत में आते हैं।




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