मोदी के फरमान से विधायकों व सांसदों की नींद उड़ी

Yuvraj Singh

Publish: Nov, 30 2016 12:51:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
मोदी के फरमान से विधायकों व सांसदों की नींद उड़ी

एक जनवरी तक देनी होगी बैंक खातों की जानकारी, कोई है फायनेंसर तो कोई है रियल स्टेट कारोबारी

चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भाजपा के सभी विधायकों और सांसदों को अपने बैंक खातों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के निर्देशों का सीधा असर हरियाणा पर होगा। मोदी के इस फरमान से हरियाणा में कई विधायकों व सांसदों के हाथ-पांव फूल गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आने के बाद से ही अन्य राज्यों के समक्ष हरियाणा को रोल मॉडल के रूप में उभार रही है। हरियाणा भाजपा शासित प्रदेश होने के कारण प्रधानमंत्री के आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने के लिए हरियाणा के विधायकों और सांसदों पर अन्य प्रदेशों के मुकाबले अधिक दबाव रहेगा।

सूत्रों की मानें तो हरियाणा में इस समय भाजपा के कई विधायक ऐसे हैं जिनका प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट का कारोबार है। कुछ विधायक ऐसे भी हैं जिनका फायनांस का कारोबार है। ऐसे जनप्रतिनिधियों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आदेश गले की फांस बन सकते हैं। क्योंकि नोटबंदी के बाद अधिकतर लोगों ने अपने खातों को समायोजित करने का काम किया है।
 
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी विधायकों को नोटबंदी के दौरान खातों के माध्यम से हुई ट्रांजैक्शनों का ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। हालांकि कुछ विधायक ऐसे भी जिन्होंने जमीन के कारोबार तथा पैट्रोल पंप आदि का संचालन अपनी पत्नी व बच्चों के नाम पर कर रखा है। इसके बावजूद विधायकों का प्रयास रहेगा कि पार्टी हाईकमान के समक्ष दी जाने वाली रिपोर्ट में वह कम से कम एंट्रियां दिखाएं। ऐसी ही स्थिति हरियाणा के सांसदों की भी है।

दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2014 के दौरान हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के समक्ष दायर किए गए शपथपत्र में अधिकतर जनप्रतिनिधियों ने खुद को खेतीबाड़ी के धंधे से जुड़ा हुआ बताया है। ऐसे में प्रदेश वासियों की नजरें अब हरियाणा के विधायकों और सांसदों द्वारा दिए जाने वाले खातों के ब्यौरे पर लगी हुई है।

विधायकों-सांसदों के परिजनों पर भी कार्रवाई संभव
विपक्षी राजनैतिक दलों के दबाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विधायकों और सांसदों को अपने खातों का ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अब विरोधी दलों ने सांसदों और विधायकों के परिजनों के खाते भी सार्वजनिक करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। क्योंकि अधिकतर विधायकों और सांसदों का कारोबार उनके परिजनों के नाम पर ही चल रहा है। अगर प्रधानमंत्री की तरफ से इस तरह के आदेश दिए जाते हैं तो यह जनप्रतिनिधियों के लिए दिक्कतें खड़ी कर सकता है।

हाईकमान के आदेशों का पालन होगा: जैन
हरियाणा भाजपा के मीडिया प्रभारी राजीव जैन के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारदर्शिता के तहत ऐसे निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में पार्टी हाईकमान की तरफ से मिलने वाले सभी आदेशों एवं निर्देशों के बारे में प्रदेश के विधायकों और सांसदों को अवगत करवा दिया जाएगा। उसके बाद सभी जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री के आदेश मानने के लिए बाध्य होंगे।

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