है आशियाने की तलाश, तो 10 माह का एडवांस! 

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 18 2016 10:46:00 (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
है आशियाने की तलाश, तो 10 माह का एडवांस! 

गत वर्षों से लगातार उत्तर एवं पूर्वी भारत से लोगों के दक्षिण भारत में आगमन में वृद्धि होती जा रही है इसका

चेन्नई।गत वर्षों से लगातार उत्तर एवं पूर्वी भारत से लोगों के दक्षिण भारत में आगमन में वृद्धि होती जा रही है इसका मूल कारण है उन प्रदेशों में रोजगार के अवसरों की कमी होना। यहां आना तो आसान है लेकिन उत्तर भारत से आने वाले लोगों को तमिलनाडु में जहां भाषाई दिक्कत और खान-पान की समस्या का सामना तो करना ही पड़ता है, आवास की भी एक बड़ी समस्या से उन्हें दो-चार होना पड़ता है। उत्तरी भारत एवं पूर्वी भारत से लोग  प्रमुख रूप से रोजगार के लिए आते हैं। इसके साथ ही कई बार विद्यार्थी यहां उच्च शिक्षा के लिए भी कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी इन प्रदेशों के लोग तमिलनाडु में आते हैं।

ऐसे में आवास ढूंढना उनके लिए काफी दिक्कत भरा काम होता है। रोजगार के लिए आने वाले लोग अक्सर अपने किसी पुराने परिचितों के माध्यम से आते हैं और ऐसे में वे या तो कुछ दिन उनके साथ रह लेते हैं या फिर कुछ लोग शेयर करके मकान किराये पर लेते हैं। मकान किराये पर आसानी से मिल भी नहीं पाता। इसके लिए किसी ब्रॉकर का सहाना लेना होता है। दूसरा मकान के किराये का 10 महीने की राशि एडवांस के रूप में जमा करानी होती है। कई बार तो मकान मालिक 10 महीने की राशि की कोई रसीद भी नहीं देते।

लौटाने वक्त करते हैं आनाकानी

यदि अगर रसीद देते भी हैं तो मकान खाली करने पर पैसे लौटाने में आनाकानी करने लगते हैं। मकान खाली करने के लिए भी दो महीने पहले मकान मालिक को बताना होता है। उच्च शिक्षण के लिए आने वाले विद्यार्थियों को आवास को लेकर वैसे अधिक परेशानी नहीं होती क्योंकि उनके कॉलेज में ही उन्हें छात्रावास में प्रवेश मिल जाता है। जहां ऐसी सुविधा नहीं होती वहां छात्रों को किसी किराये के मकान में रहना मजबूरी हो जाता है।

इलाज के लिए आने वाले लोगों को किसी होटल, धर्मशाला आदि में ठहरना होता है। वैसे कई ऐसी सस्ती धर्मशालाएं उन्हें उपलब्ध भी हो जाती हैं।
लेकिन अक्सर महंगे अस्पताल में इलाज कराने वाले महंगे होटलों का बिल चुकाने में भी समर्थ होते हैं। नम्न एवं गरीब वर्ग के लोगों को अधिक होती है।

क्या कहते है प्रवासी....

नहीं मिलता आसानी से

सेना में कार्यरत लोगों को स्थानांतरण होने पर विभाग की ओर से क्वार्टर मुहैया हो जाता है। निर्धारित समय तक उन्हें अलॉट किए गए क्वार्टर में वे रह सकते हैं। ऐसे में उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने पर इतनी परेशानी नहीं होती। लेकिन सिविलियन को जरूर दिक्कत आती है। दूसरा उत्तर भारतीय परिवारों को दक्षिण में आवास खोजने के लिए भी एक लम्बा समय व्यतीत करना पड़ता है। इसका कारण उन्हें आसानी से हर कोई अपना मकान देने के लिए तैयार नहीं होता। कॉर्पोरेट के क्षेत्र में कई लोग दक्षिण प्रदेशों में कार्यरत है। उन्हें भी आवास की समस्या से जूझना पड़ता है। आवास प्राप्त करने के लिए उन्हे अपने परिचितो का सहारा लेना पड़ता है। कई बार अपने कार्य स्थल से बहुत दूर आशियाना मिल पाता है।
लेफ्टिनेंट कर्नल अजय मलिक, निवासी-भिवानी, हरियाणा

दस महीने का किराया एडवांस

तमिलनाडु में नौकरी के लिए आने वाले लोगों को मकान के लिए एकमुश्त किराये के दस महीने की राशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा करानी होती है। एक साथ इतनी राशि जमा कराना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में कई बार अपने परिचित के साथ एडजेस्ट होना पड़ता है। एडवांस राशि के लिए मकान मालिक समझौता नहीं करते। अयनावरम में रेलवे का रेफरल अस्पताल बना हुआ है। यह हदय संबंधी बीमारियों के लिए समूचे भारत में प्रसिद्ध है। ऐसेे में देशभर से लोग यहां इलाज के लिए आते हैं। लेकिन आवास की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। इसी तरह शंकर नेत्रालय, अपोलो अस्पताल एवं अन्य बड़े अस्पतालों में भी इलाज के लिए उत्तर एवं पूर्वी राज्यों से लोग बड़ी संख्या में आते हैं। कई बार वे अपने परिचितों को पहले बता देते हैं कि हम इलाज के लिए आ रहे हैं ताकि उनके लिए रहने की व्यवस्था हो सके।
डी.एन.सिंह, निवासी-गोपालगंज, बिहार

कम हो रही समस्या

अक्सर उत्तरी एवं पूर्वी प्रदेशों से दक्षिणी प्रदेशों की तरफ आने वाले लोग किसी परिचित के माध्यम से ही आते हैं। अब जबकि प्रवासियों की संख्या तमिलनाडु में अच्छी संख्या में है। हर प्रदेश के लोग तमिलनाडु में निवास कर रहे हैं। ऐसे में उत्तरी एवं पूर्वी प्रदेशों से रोजगार एवं अन्य कार्यों के लिए तमिलनाडुआने वाले लोगों को परेशानी कम होती है। कोई जमाना था तब जरूर आवास संबंधी परेशानी बड़े स्तर पर थी, लेकिन अब धीरे-धीरे यह समस्या कम होती जा रही है।
जे.पी. तिवारी, निवासी-प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश

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