दिनकरण का उपमहासचिव पद अमान्य : ओपीएस टीम

Purushottam Reddy

Publish: Feb, 16 2017 08:56:00 (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
दिनकरण का उपमहासचिव पद अमान्य : ओपीएस टीम

विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका

चेन्नई.
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सी. पोन्नयन ने कहा कि टीटीवी दिनकरण को पार्टी का उपमहासचिव बनाना अमान्य है। शशिकला और ओ. पन्नीरसेल्वम के बीच चले घमासान के बाद पोन्नयन ओपीएस का समर्थन कर रहे हैं। यहां ग्रीनवेज रोड स्थित ओपीएस के निवास के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा जब एआईएडीएमके की अस्थाई महासचिव वी.के. शशिकला की पोस्ट ही अमान्य है तो वे दिनकरण को पार्टी का उपमाहसचिव कैसे बना सकती हैं? उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके के कानून के मुताबित दोनों ही पद अमान्य हैं।
 
उन्होंने कहा तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव को हम लोगों को बहुमत साबित करने का एक मौका देना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि बुधवार को बेंगलूरु के लिए रवाना होने से पहले शशिकला ने अपने भतीजा दिनकरण को पार्टी का उपमहासचिव बना दिया था।

हालांकि शशिकला का समर्थन कर रहे विधायकों ने दिनकरण को स्वीकार कर लिया था लेकिन ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थक विधायकों ने इसकी आलोचना करते हुए इसे अमान्य करार दिया है। इसी प्रकार इसका विरोध करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता वी. करुप्पसामी ने पार्टी संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि जब दिनकरण को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता द्वारा वर्ष 2011 में पार्टी से निकाल दिया गया था तो शशिकला उनको पार्टी का उपमहासचिव कैसे बना सकती हैं? 

पन्नीरसेल्वम से कोई लगाव नहीं: एआईएडीएमके
वी.के. शशिकला के समर्थकों ने गुरुवार को कहा कि हमारा ओ. पन्नीरसेल्वम से अब कोई भी लगाव नहीं है। यहां संवाददाताओं से बातचीत में  हथकरघा एवं कपड़ा मंत्री ओएस मण्यन ने कहा कि पन्नीरसेल्वम और स्कूली शिक्षा मंत्री के. पांडियराजन को छोड़ कर कोई भी विधायक हमारे खेमे में शामिल होना चाहे तो उनका स्वागत है। 

राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया स्टालिन ने 
डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने एआईएडीएमके पार्टी विधायक दल के नेता एडपाडी पलनीस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर मुख्यमंत्री की शपथ दिलाने के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव के फैसले का स्वागत किया है।

साथ ही उन्होंने विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि काफी इंतजार के बाद राज्यपाल द्वारा लिए गए निर्णय का डीएमके स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा पलनीस्वामी को सदन में बहुमत साबित करने के लिए जो 15 दिन का समय दिया गया है, इस दौरान विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका है।

उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि इसके लिए वे इन 15 दिन के दौरान विधायकों की खरीद फरोख्त पर कड़ी नजर रखते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से बहुमत साबित कराने की व्यवस्था करें। उल्लेखनीय है कि बुधवार को स्टालिन ने पार्टी के पदाधिकारियों से विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का आग्रह किया था। कोयम्बत्तूर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु के राजनीतिक हालात को देखते हुए ऐसा लगता है स्थानीय निकाय चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव भी हो सकते हैं।


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