आईआईटी कानपुर का एप्रूवल नहीं, पुनर्निर्माण की टूटी उम्मीदें

mantosh singh

Publish: Apr, 21 2017 05:20:00 (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
आईआईटी कानपुर का एप्रूवल नहीं, पुनर्निर्माण की टूटी उम्मीदें

अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में भी आईआईटी कानपुर से नहीं मिला एप्रूवल, एनएचएआई के अधिकारी कर रहे इंतजार, 50 मीटर पुल में लगेंगे चार माह...

छिंदवाड़ा . छिंदवाड़ा. इस बारिश के पहले नेशनल हाइवे पर  रामाकोना के पास क्षतिग्रस्त गहरानाला पुल के पुनर्निर्माण की उम्मीदें टूटने लगी है। इस पुल के नए नक्शे को अभी तक आईआईटी कानपुर का एप्रूवल नहीं मिल सका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी इस एप्रूवल के लिए हरसंभव प्रयास कर चुके है। बावजूद इसके सफलता न मिलने पर आम जनमानस को इस बारिश में भी डायवर्सन पुल से गुजरना होगा और वाहनों के फंसने समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

इस पुल का रिकार्ड देखा जाए तो छिंदवाड़ा-नागपुर नेशनल हाइवे-547 में रामाकोना के पास गहरानाला में बना पुल 43/1 पिछले साल 22 अप्रैल 16 को धसक गया था। इससे पहले यह 13 अगस्त 2015 को क्षतिग्रस्त हुआ था। इस पुल निर्माण में निर्माण एजेंसी सद्भाव कम्पनी की लापरवाही और तकनीकी खामी सामने आई थी।

इस पुल की तकनीकी खामी और बारिश के पानी न सहने की क्षमता के चलते ही नेशनल हाइवे प्राधिकरण से जुड़े तकनीकी दल ने इस पुल को पुन: बनाने की सलाह दी थी। उसके बाद कंसलटेंट एजेंसी ओआरबी से इसका 50 मीटर लम्बाई वाला करीब 6 करोड़ रुपए का नया पुल का नक्शा बनवाया गया। इस नक्शे को छह माह  से अधिक समय पहले आईआईटी कानपुर के पास भेजा जा चुका है।

नेशनल हाइवे के इंजीनियरों का कहना है कि गहरानाला पुल दो बार क्षतिग्रस्त हो चुका है इसलिए आईआईटी के विशेषज्ञ प्रोफेसर के पास नक्शा विचाराधीन है, जिसमें पानी के तेज बहाव के मुताबिक पुल की डिजाइनिंग करनी होगी। इसके चलते समस्या आ रही है। फिलहाल इस महीने नक्शा एप्रूव न होने से साफ है कि पुल इस बारिश के पहले नहीं बन पाएगा। इसके लिए जिलेवासियों को बारिश समाप्त होने का इंतजार करना पड़ेगा।

स्वीकृति का इंतजार
आईआईटी कानपुर से गहरानाला पुल के नक्शा एप्रूवल होने का इंतजार हैं। जैसे ही स्वीकृति आएगी, प्राधिकरण पुल का निर्माण शुरू करवा देगा।
 अनिल कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई छिंदवाड़ा

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