लालटेन की रोशनी में हुआ था राष्ट्रपिता का ऑपरेशन, जानें क्या थी बीमारी

chhindwara
 लालटेन की रोशनी में हुआ था राष्ट्रपिता का ऑपरेशन, जानें क्या थी बीमारी

रात 12 बजे गांधी जी का ऑपरेशन शुरू हुआ था। जब ऑपरेशन आधा ही हुआ था तभी बिजली चली गई थी, ऐसी स्थित में लालटेन के उजाले में ऑपरेशन पूरा किया गया था।


छिंदवाड़ा/नागपुर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में लोगों को काफी जानकारी है, लेकिन यह शायद ही अधिक लोगों को पता होगा कि एक बार गांधी जी के ऑपरेशन  के वक्त अचानक बिजली चली गई थी और फिर ब्रिटिश सर्जन ने लालटेन की रोशनी में ऑपरेशन पूरा किया था।
जानकारी के अनुसार अंग्रेजी हुकुमत के समय महात्मा गांधी को 1922 में राजद्रोह के एक मामले में 6 साल की सजा सुनाई गई थी। सजा काटने के लिए उन्हें पुणे की येरवडा जेल में रखा गया था। जेल में ही गांधीजी तो अपेंडिस हो गया। मेडिकल जांच के बाद गांधी जी ऑपरेशन कराने की सलाह चिकित्सक ने दी थी। ससून हॉस्पिटल में जब उनका ऑपरेशन हो रहा था, तभी लाइट चली गई थी और फिर लालटेन की रोशनी में ऑपरेशन पूरा हुआ था।

आधी रात हुआ था ऑपरेशन

मिली जानकारी के अनुसार येरवडा जेल में 12 जनवरी 1924 को गांधीजी बीमार हो गए थे। उन्हें पुणे के ससून हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पुणे के बीजे मेडिकल कॉलेज के म्यूजियम की जानकारी के अनुसार 12 जनवरी 1924 की रात 12 बजे गांधी जी का ऑपरेशन शुरू हुआ। ऑपरेशन करने वाला सर्जन कर्नल मैडाक नामक ब्रिटिश था। जब ऑपरेशन आधा ही हुआ था तभी अस्पताल की बिजली चली गई थी, ऐसी स्थित में लालटेन के उजाले में बापू का ऑपरेशन पूरा किया गया था।

प्रबंधन ने कमरा बंद करके रखा है

ससून हॉस्पिटल की के जिस कमरे में गांधी जी का ऑपरेशन किया गया था, वह कमरा वर्तमान में बंद पड़ा है। यह बिल्डिंग अब बीजे मेडिकल कॉलेज के अधीन है। कॉलेज के डीन अजय चंदनवले और हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट का कहना है कि हॉस्पिटल की सुरक्षा और रोज के काम में कोई अड़चन नहीं आए, इसीलिए यहां पर लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाता है।

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