पटवारियों की कमी, कई हल्कों में काम बंद

Arun Garhewal

Publish: Feb, 16 2017 11:13:00 (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
पटवारियों की कमी, कई हल्कों में काम बंद

तहसील कार्यालय में पटवारियों की कमी और हाल ही में पटवारियों द्वारा अतिरिक्त हल्कों का प्रभार तहसीलदार को सौंपे जाने के बाद हालात बिगड़ गए हैं।

छिंदवाड़ा/ पांढुर्ना. तहसील कार्यालय में पटवारियों की कमी और हाल ही में पटवारियों द्वारा अतिरिक्त हल्कों का प्रभार तहसीलदार को सौंपे जाने के बाद हालात बिगड़ गए हैं। क्षेत्र की बड़ी-बड़ी ग्राम पंचायतों में पटवारी नहीं होने से सरकारी योजनाओं को ग्रहण लग गया है। पांढुर्ना तहसील का राजस्व रिकार्ड ऑनलाइन होना है। जिसे मार्च तक पूरा होना है, लेकिन अभी काम काफी बाकी है, जिससे यह काम पूरा होने में परेशानी आएगी।

किसानों की सुनने वाला कोई नहीं होने से तहसील कार्यालय के चक्कर काटना मजबूरी बन चुका है। जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से पटवारियों को जो पद आज भरे होने चाहिये थे वे रिक्त हैं। उच्च अधिकारियों का भी ध्यान पांढुर्ना के राजस्व विभाग की ओर नहीं है। जिससे राजस्व विभाग के लिए बड़ी मुसिबत बन गई है। मिली जानकारी के अनुसार पांढुर्ना तहसील में कुल 74 हल्के हंै। इनमें से केवल 23 हल्कों में ही पटवारी पदस्थ हैं।
पटवारियों द्वारा शासन की मनमानी से परेशान होकर अतिरिक्त हल्कों का प्रभार सौंप दिया गया है। इसके बाद अब क्षेत्र के 50 हल्कों में राजस्व विभाग का काम बंद सा हो गया है।

तहसीलदार ज्योति ठोके का कहना है कि दो राजस्व निरिक्षकों के भरोसे इन हल्कों का काम है। परंतु समस्या बहुत ज्यादा विकट बन चुकी है। रिक्त पड़े हल्कों में से ग्राम पंचायत सिवनी, भुली, सिराठा, बोथिया, आंजनगांव, घोगरीशाहनी, टेमनीशाहनी ऐसी बड़ी पंचायते हंै जहां  पर खेती किसानी के काम बड़ी संख्या में किया जाता है और किसानों को हर पल पटवारियों से मदद लेनी पड़ती है। परंतु हल्के में पटवारी नहीं रहने से हालात बिगड़ गए  हंै और गांव वाले खासकर किसान परेशान हो रहे हैं।

अटक सकती है मार्च में पूरी होने वाली योजनाएं
राजस्व विभाग को 31 मार्च के पहले नक्शा तरमिम के कार्यों को 100 प्रतिशत तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। यह कार्य मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ा हुआ है। परंतु हल्को में पटवारी नहीं रहने से उनकी यह मंशा अधूरी रह जाएगी। इसी प्रकार से गांव में किसानों के गेहुं पंजीयन के लिये पटवारियों द्वारा सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जिन हल्कों में पटवारी नहीं है वहां के किसान सत्यापन करने के लिये तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हंै। इनके अलावा सीमांकन, बंटवारा और सीएम हेल्पलाइन के प्रतिवेदन बनाना भी मुश्किल हो गया है।

पांढुर्ना में कमी, सौंसर में अतिरिक्त पटवारी
समस्याओं से घिरा राजस्व विभाग कलेक्टर साहब से जरूरी कदम उठाने की अपेक्षा कर रहा है। बताया जा रहा है कि सौंसर तहसील में अतिरिक्त पटवारी पदस्थ है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष हुए तबादला सूची में सौंसर के तीन पटवारियों को पांढुर्ना में स्थानांतरण किया गया था, लेकिन उन्होंने अपने ट्रांसफर को रद्द कर दिया। जबकि पांढुर्ना तहसील से 9 पटवारियों को हटाया गया था। इसके बाद पटवारियों की भारी कमी आ गई है।

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