नहर धराशायी, खेतों में घुस गया पानी

Prashant Sahare

Publish: Feb, 17 2017 06:00:00 (IST)

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नहर धराशायी, खेतों में घुस गया पानी

पेंच डायवर्सन परियोजना के माचागोरा बांध की दांई तट मुख्य नहर सिहोरामाल के समीप से लगभग सौ मीटर की कांक्रीट धराशायी होने से किसानों के खेत में पानी भर गया।

बांकानागनपुर/छिंदवाड़ा.  पेंच डायवर्सन परियोजना के माचागोरा बांध की दांई तट मुख्य नहर सिहोरामाल के समीप से लगभग सौ मीटर की कांक्रीट धराशायी होने से किसानों के खेत में पानी भर गया। इसकी जानकारी लगते ही गुरुवार को इस नहर का पानी बंद कर दिया गया। इससे बांकानागनपुर, केरिया, खुटिया, धमनियां, खमरा सहित दर्जनों  गांव के किसानों में हलचल मची रही। हल्की जमीन वाले किसानों को खासा नुकसान पहुंचा। नहर को दुरुस्त करने में लगभग आठ से दस दिन का समय लग सकता है। इस प्रकार खेतों में पानी पहुंचने का समय दस से पंद्रह दिन लगना तय है।

गुणवत्ता की नहीं हो सकी जांच
पिछले साल सितम्बर में आए जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल से स्थानीय लोगों ने नहर की गुणवत्ता की शिकायत की थी। उसके बाद उन्होंने नहरों की जांच का आश्वासन भी दिया था लेकिन आज तक उसकी जाँच नहीं हो सकी। यह नहर चार से छह दिन पहले टूट गई थी, जिसे कहीं-कहीं सुधारा भी जा रहा था। इस बीच पानी के बहाव को नहर झेल नहीं सकी।

बर्बाद हो जाएगी फसल
किसान नवीन पटेल,कुबेर पटेल,शिवकुमार पाल,गोवर्धन पाल,चैतराम उइके,स्वामी पटेल और सुरेन्द्र सोनी का कहना है कि विभाग द्वारा नहरों के पानी की टीसी राशि की वसूली अभी से चालू कर दी गई है। जिसमें कुछ किसानों ने पांच हजार से दस हजार रुपए  तक जमा कर दिया है। किसानों का कहना है कि अगर हमें समय पर पानी नहीं दिया गया तो गेहूं,चना की हजारो हैक्टेयर की फ सल बर्बाद हो जाएगी।

समय पर पानी देने का होगा प्रयास
दायी तट नहर के कुछ हिस्सों में पानी के बहाव से कुछ क्षति हुई है तो उसे सुधार दिया जाएगा। किसानों को समय पर पानी मिले, यह हमारा प्रयास होगा।
राजीव फिरके, कार्यपालन यंत्री नहर, पेंच परियोजना चौरइ

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