मटर-लहसुन पर शीतलहर का खतरा, ऐसे करें बचाव

Prashant Sahare

Publish: Jan, 14 2017 01:40:00 (IST)

Chhindwara, Madhya Pradesh, India
मटर-लहसुन पर शीतलहर का खतरा, ऐसे करें बचाव

सब्जियों में आलू, मटर और लहसुन पर पाले का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में किसान कुछ सावधानी बरत कर फसल बचा सकते हैं।

 
छिंदवाड़ा .  जिला पिछले तीन वर्ष की सबसे सर्द रातों की जद में है। तापमान 6 डिग्री से भी नीचे पहुंच चुका है। आम आदमी तो  परेशान हो ही रहे हैं फसलों और सब्जियों पर भी कोल्ड वार का खतरा मंडरा रहा है। गेहूं के लिए तो यह ठंड फायदेमंद है क्योंकि जिले में अभी यह फसल बढऩे की स्थिति में है। सब्जियों में आलू, मटर और लहसुन पर पाले का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में किसान कुछ सावधानी बरत कर फसल बचा सकते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार खेत की मेढ़ों पर पड़े रहने वाले कचरे का धुआं कर फसल को पाले की मार से बचा सकते हैं।

आलू उत्पादक किसानों ने ज्यादातर आलू निकाल लिया है लेकिन जिनके खेतों में यह सब्जी लगी हुई है वे चिंतित हो रहे हैं। पाले की मार सबसे ज्यादा मटर और लहसुन पर दिखती है। पिछले चार दिनों से जिस तरह ठंड का जोर बढ़ता जा रहा है यदि तापमान और एक डिग्री नीचे उतरा तो वह इन पत्तेदार सब्जियों को काला कर देगा। जिले में 10 हजार हैक्टेयर से ज्यादा के क्षेत्र में लगी इन सब्जियों के उत्पादक किसान खेत की मेढ़ों में धुआं करने में लगे हैं।

जिले में सब्जी का रकबा

जिले में इस समय आलू सात हजार 200 हैक्टेयर, मटर 2 हजार 800 हैक्टेयर और लहसुन 2 हजार 200 हैक्टेयर में लगा हुआ है। इसके अलावा अन्य पत्तेदार सब्जियां फूल गोभी, पत्ता गोभी, सेमी, बैगन की पैदावार भी बड़े स्तर पर होती है।
जनवरी का महीना इस बार लोगों को कंपकंपा रहा है। दिन में भी तापमान 21 से 22 डिग्री तक स्थिर है जो इस महीने के सामान्य तापमान से करीब 6 डिग्री कम है। जनवरी के दूसरे पखवाड़े में हवा की गति बढ़ जाती है लेकिन सर्द मौसम की एैसी तगड़ी मार बहुत दिनों बाद लोग महसूस कर रहे हैं। 

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