आयकर विभाग का आदेश, 30 अप्रैल तक स्व-प्रमाणित हो सभी खाते

Corporate
आयकर विभाग का आदेश, 30 अप्रैल तक स्व-प्रमाणित हो सभी खाते

आयकर विभाग ने वित्तीय संस्थानों से कहा है कि वे अमरीकी कानून फाटका के प्रावधानों के अनुपालन और खातों को बंद होने से बचाने के लिए अपने खाता धारकों से 30 अप्रैल तक स्वप्रमाणन हासिल कर लें। 



नई दिल्ली. आयकर विभाग ने वित्तीय संस्थानों से कहा है कि वे अमरीकी कानून फाटका के प्रावधानों के अनुपालन और खातों को बंद होने से बचाने के लिए अपने खाता धारकों से 30 अप्रैल तक स्वप्रमाणन हासिल कर लें। यह कानून विदेशों में खाता रखने वाले अमरीकियों के बारे में कर अनुपालन संबंधी सूचनाओं के आदान प्रदान के बारे में है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि अगर 30 अप्रैल 2017 तक स्व-प्रमाणन उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो खाते पर रोक लगा दी जाएगी। इस रोक से तात्पर्य वित्तीय संस्थान संबंधित खाता धारक को उस खाते में कोई लेनदेन करने से रोक लगा देंगे। सीबीडीटी ने सभी वित्तीय संस्थानों से यह भी कहा है कि वह स्व-प्रमाणन लेने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

भारत ने अमरीका के साथ उसके विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम (फाटका) के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए समझौता किया है। यह समझौता 31 अगस्त 2015 से प्रभावी है। आयकर नियम के मुताबिक वित्तीय संस्थानों को खाता धारकों से 31 अगस्त 2016 तक स्व-प्रमाणन प्राप्त करना था। एक जुलाई 2014 से लेकर 31 अगस्त 2015 तक की अवधि के दौरान सभी व्यक्तियों और कंपनियों के खातों के बारे में यह स्व-प्रमाणन जमा किया जाना था। संबद्ध पक्षों के समक्ष परेशानी को देखते हुए कर विभाग ने 31 अगस्त 2016 को इस तिथि को अनिश्चित कालीन अवधि के लिए आगे बढ़ा दिया।

सीबीडीटी ने मंगलवार को कहा कि वित्तीय संस्थानों ने जांच-पड़ताल संबंधी जानकारी को पूरा करने के लिए नई समय-सीमा के बारे में पूछा है। इसमें कहा गया है कि स्व-प्रमाणन की कमी की वजह से यदि खाता बंद कर दिया जाता है तो खाता धारक ऐसे बंद खाते में तभी लेनदेन कर सकता है जब स्व-प्रमाणन मिल जाएगा और जांच-पड़ताल पूरी हो जाएगी।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned