समिति ने श्रम मंत्रालय से कहा, पीएफ ट्रस्ट का विशेष आडिट किया जाए

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समिति ने श्रम मंत्रालय से कहा, पीएफ ट्रस्ट का विशेष आडिट किया जाए

संसद की एक समिति ने श्रम मंत्रालय से निजी ईपीएफ न्यासों की विशेष ऑडिटिंग करने को कहा है। ऐसा पाया गया है कि ये ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की राशि अपनी कंपनियों में म्युचुअल फंड के जरिए निवेश कर रहे हैं। ईपीएफओ द्वारा नियमित निजी ट्रस्ट पीएफ खातों और सेवानिवृत्ति बचत का रखरखाव करते हैं और उन्हें सरकार द्वारा मंजूरी निवेश प्रतिरूप के तहत इस कोष को निवेश करना होता है।

नई दिल्ली. संसद की एक समिति ने श्रम मंत्रालय से निजी ईपीएफ न्यासों की विशेष ऑडिटिंग करने को कहा है। ऐसा पाया गया है कि ये ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की राशि अपनी कंपनियों में म्युचुअल फंड के जरिए निवेश कर रहे हैं। ईपीएफओ द्वारा नियमित निजी ट्रस्ट पीएफ खातों और सेवानिवृत्ति बचत का रखरखाव करते हैं और उन्हें सरकार द्वारा मंजूरी निवेश प्रतिरूप के तहत इस कोष को निवेश करना होता है।

ये ट्रस्ट छूट प्राप्त प्रतिष्ठान कहे जाते हैं, क्योंकि वे अपने कर्मचारियों के योगदान को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास जमा नहीं करते। रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 दिसंबर, 2016 तक इन ट्रस्टों के पास कुल कोष 2.57 लाख करोड़ रुपए था। इसमें 5,475 करोड़ रुपए बिना दावे वाली राशि शामिल है।

श्रम पर संसद की स्थायी समिति ने संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि अपने कारोबार में निवेश अनुचित है और अपने हित में इसका उपयोग किया जा रहा है। समिति ने आगे कहा कि ऐसी कंपनियों की विशेष जांच या ऑडिट किए जाने की जरूरत है और ईपीएफओ को इस रास्ते निवेश पर अंकुश लगाने के लिए जल्दी काम उठाने चाहिए और सुधारात्मक उपाय करने चाहिए। 

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इन निजी ईपीएफ ट्रस्ट को जो छूट दी गई है, उसकी निश्चित अवधि बाद समीक्षा होनी चाहिए, ताकि ईपीएफओ इन कंपनियों की वास्तविक वित्तीय स्थिति से अवगत हो। इससे कर्मचारियों के हितों के संरक्षण में मदद मिलेगी। इन ट्रस्टों के डीमैट खातों की भी अनिवार्य जांच होनी चाहिए ताकि निवेश प्रतिरूप के साथ रिटर्न का सत्यापन हो सके।

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