भड़के राजन, कहा-टैक्स चोरी को उचित मानती हैं मल्टिनेशनल कंपनियां

Yuvraj Singh

Publish: Feb, 05 2016 02:06:00 (IST)

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भड़के राजन, कहा-टैक्स चोरी को उचित मानती हैं मल्टिनेशनल कंपनियां

मल्टिनेशनल कंपनियों के जरिए अरबों रूपए का टैक्स चोरी किए जाने पर आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने सख्ती दिखाई

मुंबई। मल्टिनेशनल कंपनियों के जरिए अरबों रूपए का टैक्स चोरी किए जाने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने सख्ती दिखाई है। इंडिया इंक के साथ-साथ मल्टिनेशनल कंपनियों पर निशाना साधते हुए राजन ने कहा कि अक्सर मल्टिनेशनल कंपनियां ज्यादा टैक्स लगाने की शिकायत करती हैं लेकिन उनका ढांचा इस तरह का है कि वे अरबों रुपए की टैक्स चोरी कर लेती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पॉलिसी के रास्ते में जो बाधाएं हैं, वे खत्म हो रही हैं लेकिन उनको खत्म होने में अभी वक्त लगेगा।

हमें करोड़ों रोजगार के अवसर पैदा करने हैं
राजन ने कहा कि सरकार और आरबीआई जैसे संस्थानों पर निजी उद्यमों को प्रमोट करने का दबाव है ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके। राजन ने कहा, 'हमें करोड़ों रोजगार के अवसर पैदा करने हैं। हमें नौकरियां पैदा करने की जरूरत इसलिए है क्योंकि अच्छी नौकरी समावेश का सबसे अच्छा रूप है। राजनीतिक और रेग्युलेटरी सिस्टम यानी सरकार और आरबीआई पर इन नौकरियों को पैदा करने का दबाव है। नौकरी के अवसर पैदा करने के लिए सरकार ग्रोथ को बढ़ाने और बिजनस करना आसान बनाने की दिशा में काम करती है।

टैक्स चोरी को भी उचित तरीका मानती हैं एमएनसी
राजन ने 'स्वतंत्र उद्यम को मजबूत करना शीर्षक से नानी पालखीवाला मेमोरियल लेक्चर में कहा, 'एमएनसी अक्सर ज्यादा टैक्स लगाने की शिकायत करती रहती हैं लेकिन यह सच है कि दुनिया भर में मल्टिनैशनल कंपनियां टैक्स से बचने का रास्ता तलाशती हैं। कई बार तो वे टैक्स चोरी को भी उचित तरीका मानती हैं।

गूगल और ऐपल भी टैक्स चोरी में शामिल
गवर्नर राजन द्वारा मल्टिनेशनल कंपनियों की आलोचना इस मायने में अहमियत रखती है कि कुछ कंपनियों ने पिछली तारीख से टैक्स लगाने पर आपत्ति जताई थी। वोडाफोन और शेल ने भारत में पिछली तारीख से टैक्स लगाने और टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा किए गए क्लेम की शिकायत की थी। लेकिन, हकीकत यह है कि बड़ी कंपनियों जैसे गूगल, ऐपल और कई ग्लोबल कंपनियों द्वारा टैक्स चोरी करने की वजह से दुनिया भर में इसकी रोकथाम के लिए नए कानून बन गए हैं। अमेरिका ने टैक्स बेनेफिट के लिए दूसरे क्षेत्र की कंपनियों के साथ विलय करने पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया है।

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