मां-बाप के पास नहीं थे खाने के पैसे, संघर्ष से बनाई टीम में जगह

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मां-बाप के पास नहीं थे खाने के पैसे, संघर्ष से बनाई टीम में जगह

राहुल डागर ने माता-पिता की मौत के एक साल के भीतर ही उन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर रणजी टीम में जगह बना ली

नई दिल्ली। राहुल डागर आज हरियाणा की रणजी टीम का जाना पहचाना नाम है लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। गरीब परिवार से आने वाले राहुल डागर को उस समय तगड़ा झटका लगा जब उनके माता-पिता का देहांत हो गया। इसके बावजूद राहुल ने हार नहीं मानी। माता-पिता की मौत के एक साल के भीतर ही उन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर रणजी टीम में जगह बना ली।

मां ने बचपन में पहचान लिया था बेटे का टैलेंट
राहुल डागर का जन्म 4 जुलाई 1993 को हुआ। वे फरीदाबाद के छोटे से गाच्छी गांव के रहने वाले हैं। राहुल ने राजा नाहर सिंह स्टेडियम से क्रिकेट सीखने की शुरूआत की।

राहुल की मां गंगाबेन ने उसके क्रिकेट के हुनर को बचपन में ही पहचान लिया था। राहुल 7 साल की उम्र में ही अच्छा क्रिकेट खेलने लग गया था। इस कारण मां ने राहुल के पिता महिपाल डागर से कहा कि वे राहुल की क्रिकेट की दिलचस्पी में टोका-टाकी ना करें।

पैसा बचाने के लिए मां-बाप खाते थे सूखी रोटी
राहुल के क्रिकेट की अच्छी ट्रेनिंग के लिए उनके पिता के पास पैसे नहीं होते थे। बकौल राहुल उनके माता-पिता पैसा बचाने के लिए प्याज के साथ सूखी रोटी खाते थे। लेकिन क्रिकेट की अच्छी ट्रेनिंग के लिए पिता ने कभी भी पैसा नहीं देखा। राहुल के बड़े भाई अजय डागर के मुताबिक उनका छोटा भाई प्रैक्टिस के लिए जाता तो कई दिन घर नहीं लौटता था। कई बार तो प्रैक्टिस के दौरान उन्हें अपने भाई के लिए खाना लेकर जाना पड़ता था।

केविन पीटरसन है राहुल डागर के आदर्श
राहुल डागर को आगे बढ़ाने में पूर्व भारतीय क्रिकेटर विजय यादव का बड़ा योगदान हैं। यादव ने राहुल के टैलेंट को पहचाना और उन्हें आगे बढ़ाया। राहुल खुद अपनी कामयाबी का श्रेय विजय यादव को देते हैं। राहुल डागर के आदर्श इंग्लैण्ड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन हैं। पीटरसन की बल्लेबाजी से उन्होंने काफी सीखा है। पीटरसन के अलावा राहुल सचिन तेंदुलकर को भी पसंद करते हैं। 22 साल के राहुल ने दिल्ली के रामलाल कॉलेज से पढ़ाई की है।

अब तक का क्रिकेट करियर
राहुल ऑफ स्पिनर और मिडल ऑर्डर बल्लेबाज हैं। राहुल ने टी-20 में डेब्यू 2 जनवरी 2016 में 2015-16 सीजन में सैयद मुस्ताक अली ट्रॉफी से किया था। राहुल ने पहला फस्र्ट क्लास मैच महाराष्ट्र के खिलाफ 1-4 अक्टूबर 2015 में पुणे में खेला। 10 दिसंबर 2015 में लिस्ट ए मैच केरल के खिलाफ खेला। 2 जनवरी 2016 में तमिलनाडु के खिलाफ टी-20 मैच खेला। इसके बाद उन्होंने रणजी में खेलना शुरू किया। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 मैच खेले हैं। उनका बेस्ट स्कोर 37 रन है। लिस्ट-ए के 6 मैचों में उन्होंने नाबाद 96 रन की पारी के साथ 217 रन बनाए हैं। इनमें 2 फिफ्टी शामिल है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 विकेट भी लिए हैं। राहुल ने 5 टी-20 मैच खेले हैं। इनमें उनका अधिकतम स्कोर 39 रन है।

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