न्यूजीलैंड को अपने तेज गेंदबाजों का साथ देना चाहिए : पीड

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न्यूजीलैंड को अपने तेज गेंदबाजों का साथ देना चाहिए : पीड

पीड ने कहा, मुझे लगता है कि वह अपने तेज गेंदबाजों का समर्थन नहीं करते हैं

हेमिल्टन। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका टीम में शामिल किए गए ऑफ स्पिनर डेन पीड ने कहा है कि मेजबान टीम को अपने तेज गेंदबाजों का समर्थन करना चाहिए। दूसरा टेस्ट मैच जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला में 1-0 की बढ़त ले ली है।

पीड ने कहा, मुझे लगता है कि वह अपने तेज गेंदबाजों का समर्थन नहीं करते हैं। दक्षिण अफ्रीका में उनके तेज गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने हमें डरबन में 263 रनों पर सेमट दिया था।

उन्होंने कहा, मैंने नहीं सोचा था कि वह पहले टेस्ट मैच में दो स्पिनरों के साथ उतरेंगे। जब उन्होंने टिम साउदी को बाहर किया था तो मैं हैरान था। हमारी श्रृंखला से पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान यहां आए थे और तब तेज गेंदबाजों को पिच से काफी मदद मिली थी।

उन्होंने कहा, मुझे बिल्कुल वैसी ही उम्मीद थी। लेकिन जिस तरह का गेंदबाजी आक्रमण हमारे पास है उसे देखकर मुझे लगता है कि वह दबाव में होंगे। न्यूजीलैंड टीम के तेज गेंदबाजों ने बीती श्रृंखलाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही घरेलू श्रृंखला में वह उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाई हैं।


140 साल पहले आज ही के दिन खेला गया था पहला आधिकारिक अंतराष्ट्रीय टेस्ट मैच, पहले ही मैच में बने थे इतने रिकॉर्ड

आज के समय में टेस्ट क्रिकेट भी एकदिवसीय और टी-20 क्रिकेट की तरह ही लोकप्रिय हो चुका है। खिलाड़ियों के मनोबल और दृढ़ता की परीक्षा माने जाने वाला टेस्ट क्रिकेट का पहला ऑफिसियल मैच आज से ठीक 140 साल पहले खेला गया था। 15 मार्च 1877 से 19 मार्च 1877 तक खेले गए इस पहले टेस्ट मैच की साक्षी बनी थीं ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ही मेलबर्न के ऐतिहासिक मैदान पर यह मैच खेल था। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 45 रनों से जीत दर्ज की थी।

ऐसा था पहला टेस्ट मैच

पहले टेस्ट मैच में कोई समय सीमा नहीं थी, इसमें दोनों टीमों ने दो-दो पारियां खेली। ये टेस्ट मैच चार दिनों तक चला था। पहले के वक्त में यही हुआ करता था, चाहे कितने दिन लगे दोनों टीम को दो-दो पारियां खेलनी होती थी।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान Dave Gregory ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी की थी और पहली पारी में 245 रनों का स्कोर खड़ा किया था। इन रनों में अकेले ही ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज बैनरमैन ने 165 रनों की शतकीय पारी खेली थी, जोकि टेस्ट इतिहास का पहला शतक भी था। इसके जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 196 रन बनाए।

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम सिर्फ 104 रनों पर सिमट गई। इस तरह इंग्लैंड की टीम के सामने 153 रनों का लक्ष्य था। लेकिन पूरी टीम सिर्फ 108 रन बनाकर आउट हो गई और इस तरह पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया 45 रनों से जीत गई।

पहले टेस्ट मैच में रहा था सलामी बल्लेबाजों का दबदबा-
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बैनरमैन का शतक और इंग्लैंड की पहली पारी में हैरी जुप्प का अर्धशतक सलामी बल्लेबाजों के दबदबे का गवाह बना था।

इंग्लैंड के गेंदबाज ने फेंकी थी टेस्ट क्रिकेट इतिहास की पहली गेंद-

इंग्लैंड के मध्यम तेज गति के गेंदबाज Alfred Shaw ने टेस्ट इतिहास की पहली गेंद फेंकी थी। स्द्धड्ड2 ने अपने पहले ही मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 3 विकेट लेकर मैच में कुल 8 विकेट झटके थे।

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