मेट्रो में महिला सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ का सराहनीय प्रयास, जानें क्या कहते हैं आंकड़े 

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मेट्रो में महिला सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ का सराहनीय प्रयास, जानें क्या कहते हैं आंकड़े 

जनवरी माह में महिला कोचों में पकड़े जाने वालों की संख्या 2197 थी, फरवरी में यह संख्या 1114 जबकि मार्च में 1752 थी।

नई दिल्ली: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली मेट्रो में अभियान चलाने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीम काली ने महिला यात्री कोचों में पकड़े जाने वाले लोगों के बारे में कुछ आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ो में बताया गया है कि मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिदिन महिला कोचों में तलाशी के दौरान पिछले तीन महीनों में औसतन 55 लोगों को पकड़ा गया है। इनमें से कुछ लोग नशे की हालत में थे। ये लोग महिला कोचों में तेज गाने बजाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे लोगों से अक्सर महिलायें असुरक्षित महसूस करतीं हैं।


आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 के पहले तीन महीनों के दौरान 5063 लोगों को पकड़ा गया और जुर्माना किया गया।
जनवरी माह में महिला कोचों में पकड़े जाने वालों की संख्या 2197 थी, फरवरी में यह संख्या 1114 जबकि मार्च में 1752 थी। ये आंकड़े दिखाते हैं कि सीआईएसएफ महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें महिला यात्रियों की ओर से पुरुष यात्रियों द्वारा की जा रही अभद्रता और दुर्व्यवहार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाना पड़ा।
सीआईएसएफ ने इस तरह के अभियानों के लिए 'काली' नाम से एक विशेष दल बना रखा है जिसका काम छुपकर महिला कोचों में छापे मारकर शोहदों को पकड़ना है। काली टीम के लोग समूहों में बंटे होते हैं।


अधिकारी ने कहा कि 2017 के शुरुआती तीन महीनों में टीम काली ने इस तरह के 90 ऑपरेशन चलाए।
काली टीम के लोग अधिकतर व्यस्ततम समय में जब लोग मेट्रो के नियमों का उल्लंघन करते हैं उस समय उन्हें पकड़ते हैं और उन पर जुर्माना लगाया जाता है। 
आगे उन्होंने कहा कि कभी-कभी ये लोग काली टीम के सदस्यों के साथ भी अभद्रता करते हैं। लेकिन ये काली टीम की महिला कमांडो स्थिति को संभालने में सक्षम होती हैं। इनको काली टीम में शामिल करने से पूर्व मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा के विभिन्न प्रशिक्षणों द्वारा तैयार किया जाता है। उसके बाद इनको काली टीम में जगह मिलती है।

अगर मेट्रो नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्री जुर्माने का ठीक भुगतान करने से इनकार करते हैं, तो यह मामला दिल्ली पुलिस के दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस (डीएमआरपी) इकाई को भेज दिया जाता है। इसके अलावा, 2017 के पहले 92 दिनों में, सीआईएसएफ ने 80 लोगों को मेट्रो रेल पटरियों पर चलने, 59 महिलाओं को संकट से बचाया, महिला चोरों के गिरोहों सहित 184 पिकपकेटों को गिरफ्तार कर किया, और उनके परिवारों के साथ 39 बच्चों को फिर से मिलाया,





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