विजय माल्या की गिरफ्तारी कांग्रेस के दबाव का परिणाम: रणदीप सूरजेवाला 

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विजय माल्या की गिरफ्तारी कांग्रेस के दबाव का परिणाम: रणदीप सूरजेवाला 

भारत के बैंकों से कर्ज लेकर फरार चल रहे शराब किंग विजय माल्या की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद स्कॉटलैंड वेस्टमिन्स्टर डिस्ट्रिक्ट की अदालत ने जमानत दे दी।माल्या की गिरफ्तारी को जहां केंद्र सरकार कामयाबी बता रही है। वहीं कांग्रेस इसे दबाव का परिणाम ।

लंदन. देश के बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का कर्ज लेकर फरार चल रहे शराब किंग विजय माल्या की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही केन्द्र सरकार को बड़ा झटका लगा है। सीबीआई की ओर से ब्रिटेन सरकार से की गई प्रत्यर्पण के आग्रह पर मंगलवार को गिरफ्तार किए गए माल्या को वेस्टमिन्स्टर डिस्ट्रिक्ट की अदालत से जमानत मिल गई है। उन्हें गिरफ्तारी के मात्र 3 घंटे के भीतर ही जमानत दे दी गई, जिससे माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिशों को धक्का लग सकता है। 

17 मई को अगली सुनवाई
माना जा रहा था कि अदालत के आदेश के बाद माल्या के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो जाएगा।गौरतलब है कि भारत की ओर से माल्या के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर ब्रिटिश सरकार ने मामले को वेस्टमिन्स्टर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के मकसद से भेज दिया था, जिसके बाद ही माल्या की गिरफ्तारी संभव हो पाई है। माल्या की 17 मई को अगली पेशी होगी। प्रत्यपर्ण के केस में सुनवाई शुरू होनी है। माल्या से पूछताछ के लिए सीबीआई की टीम लंदन जाने वाली है ।  
केन्द्र सरकार ने बताई कामयाबी
इधर माल्या की गिरफ्तारी पर एक तरफ जहां केंद्र सरकार खुद की उपलब्धि बता रही है। विजय माल्या की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएमओ में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि यह केन्द्र सरकार और वित्त मंत्री अरुण जेटली की बड़ी कामयाबी है। वहीं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि माल्या के ख़िलाफ़ भारत के पास पुख्ते सबूत हैं। और सरकार माल्या को भारत लाने की कोशिश तेज करेगी। 


केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने भी कहा है कि विजय माल्या को वापस भारत लाया जाएगा। कानून अपना काम कर रहा है। 

कांग्रेस ने कहा दबाव का परिणाम
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बैंकों के हजारों करोड़ रुपए लेकर भागे माल्या को स्वदेश लाने के लिए कांग्रेस लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। इसी दबाव में सरकार ने इस वर्ष फरवरी में माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया था। सूरजेवाला ने माल्या की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। सूरजेवाला ने कहा कि तीन घंटे के भीतर माल्या को जमानत मिल गई ये किस तरह की कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोगों की आंखों में धूल झोंकना बंद करे और ये बताए कि माल्या को कब वापस लाया जाएगा।

माल्या की गिरफ्तारी पर किंगफिशरकर्मी भी खुश
माल्या की गिरफ्तारी पर किंगफिशरकर्मियों ने खुशी जताई है। किंगफिशर एयरलाइन की एक पूर्व कर्मी नीतू ने कहा कि जो कुछ हम लोगों ने अब तक सहा है, यह उसी का इंसाफ है।

माल्या का पासपोर्ट हो चुका है रद्द 
किंगफिशर एयरलाइन्स के लिए कई सरकारी बैंकों से करीब 9 हजार करोड़ रुपए से भी ज्कायादा का ऋण लेकर भागे माल्या फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे हैं। उनके खिलाफ कई एजेंसियों ने समन जारी किया है। वित्त मंत्रालय के आग्रह पर विदेश मंत्रालय माल्या का पासपोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। इसी कारण से उन्हें अपनी राज्यसभा की सदस्यता भी खोना पड़ा था। 

माल्या पर किस बैंक का कितना कर्ज
एसबीआई-1600
पीएनबी-800
आईडीबीआई-800
बैंक ऑफ इंडिया- 650
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया-430
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया-410
यूको बैंक- 320
कॉर्पोरेशन बैंक-310
स्टेट बैंक ऑफ मैसूर-150
इंडियन ओवरसीज बैंक-140
फेडरल बैंक- 90
पंजाब एंड सिंध बैंक-60
एक्सिस बैंक-50
(रुपए करोड़ में)
भारत के अनुराध पर ब्रिटेन सरकार ने शुरू  की थी गिरफ्तारी की प्रक्रिया
भारत के अनुरोध पर ब्रिटिश सरकार ने 9000 करोड़ रुपए के कर्जदार किंगफिशर एयरलाइन्स के भगोड़े मालिक विजय माल्या के प्रत्यर्पण की दिशा में कुछ समय पहले ही सकारात्मक संदेश दिया था। ब्रिटिश सरकार ने बताया था कि उसने इस मामले को वेस्टमिन्स्टर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के मकसद से भेज दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाघले ने यह जानकारी दी थी कि भारत एवं ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि के अनुसार माल्या के बारे में प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध 8 फरवरी 2017 को ब्रिटिश उच्चायोग को सौंपा गया था। 

क्या है मामला
भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की देनदारी का सामना कर रहे माल्या पिछले वर्ष मार्च में भागकर ब्रिटेन चला गया था। इसके कुछ दिन बाद ही उच्चतम न्यायालय ने माल्या को अपने पासपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से 30 मार्च 2016 को पेश होने को कहा था, लेकिन वह कभी कोर्ट के सामने हजिर नहीं हुआ।

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