आईपीएल सट्टा पकडऩे गई पुलिस को उलझाया, सबूत मिटाए

Gulshan Patel

Publish: Apr, 22 2017 12:30:00 (IST)

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आईपीएल सट्टा पकडऩे गई पुलिस को उलझाया, सबूत मिटाए

पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि आरोपी सचिन नौगरिया ने उनके साथ गाली-गलौज की व शासकीय कार्य में बाधा डाली है। इधर सट्टा खिलाने वालों को इस बात की जानकारी मिल गई कि पुलिस आने वाली है।

दमोह/मडिय़ादो. जिले के मडिय़ादो थाना पुलिस ने गांव में संचालित हो रहे आईपीएल सट्टा को पकडऩे का प्रयास किया। लेकिन पुलिस सट्टा पकड़ पाती इसके पहले ही पुलिस का विवाद एक बस संचालक से हो गया। पुलिस जब तक इस विवाद से निपटी तब तक पुलिस के सट्टा पकडऩे के पहले ही आरोपियों ने चतुराई दिखाते हुए मौके से सट्टा खिलाए जाने के साक्ष्य मिटा दिए ऐसा पुलिस का कहना है। 

मौका स्थल पर पुलिस ने रेड की तो पुलिस के हाथ खाली रहे, वहीं पुलिस ने इस मामले में बस संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। गुरुवार-शुक्रवार रात करीब 8 बजे थाना पुलिस स्थानीय बाजार में जनरल स्टोर्स के संचालक संतोष अग्रवाल स्थाई निवासी छतरपुर द्वारा आईपीएल सट्टा खिलाए जाने की आशंका पर रेड डालने के लिए जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एएसआई गजराज सिंह पिता प्रानसिंह का विवाद बस संचालक सचिन पिता ब्रजमोहन नौगरिया से हो गया। पुलिस रास्ते में ही उलझ गई। 

पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि आरोपी सचिन नौगरिया ने उनके साथ गाली-गलौज की व शासकीय कार्य में बाधा डाली है। इधर सट्टा खिलाने वालों को इस बात की जानकारी मिल गई कि पुलिस आने वाली है। पुलिस का कहना है कि लेट हो जाने की वजह से मौके पर पहुंचने पर उन्हें साक्ष्य नहीं मिल सके। गुस्साए पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी सचिन पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया है। 

आरोपी बाद में बना, पहले पहुंचा आवेदन
बस संचालक का कहना है कि पुलिस कर्मचारियों द्वारा उसके साथ बेवजह धक्का-मुक्की व गाली-गलौज की गई। सचिन ने एसपी के नाम एक आवेदन उसके साथ घटित हुई घटना का पुलिस थाने पहुंचकर प्रस्तुत किया। इस दौरान सचिन को यह जानकारी नहीं मिली थी कि उस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। साफ जाहिर है कि पुलिस ने आवेदन देने के बाद ही मामला सचिन के खिलाफ दर्ज किया। 

...तो तभी क्यों नहीं किया गिरफ्तार
मामले में एएसआई गजराज सिंह फरयादी के रूप में हैं। टीआई अशोक ननामा का कहना है कि आरोपी सचिन ने पुलिस कर्मचारियों से गाली-गलौज की व शासकीय कार्य में बाधा डाली। सवाल यह है कि जब पुलिस के साथ विवाद हुआ तो मौके पर ही पुलिस ने सचिन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया, और जब वह आवेदन देने के लिए थाने पहुंचा तब भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर लिया। 

आरोपी सचिन नौगरिया द्वारा पुलिस कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई थी व शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी, आरोपी आपराधिक प्रवत्ति का है। 
अशोक ननामा, टीआई

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