कोर्ट ने ताउम्र वाहन चलाने पर रोक लगाई

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 20 2017 05:30:00 (IST)

New Delhi, Delhi, India
कोर्ट ने ताउम्र वाहन चलाने पर रोक लगाई

दिल्ली की एक कोर्ट ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में सख्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने लापरवाही से ट्रक

नई दिल्ली।दिल्ली की एक कोर्ट ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में सख्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने लापरवाही से ट्रक चलाने के चलते वर्ष 2000 में 9 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में दोषी को सजा सुनाते हुए ताउम्र वाहन चलाने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यूपी के प्रतापगढ़ निवासी सुनील कुमार मिश्रा का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का आदेश देते हुए कहा कि उसे कोई नया लाइसेंस जारी नहीं हो। क्योंकि उसे 'उम्रभर के लिएÓ लाइसेंस नहीं मिल सकेगा।

दोषी को एक वर्ष की जेल

हालांकि कोर्ट ने बच्चे की मौत के मामले में दोषी सुनील की सजा को 18 महीने से कम करते हुए एक वर्ष कर दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अर्चना सिन्हा ने कहा कि यह आदेश दिया जाता है कि सुनील कुमार का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द माना जाए और अगर यह कहीं रिकॉर्ड में हो तो इसे नष्ट किया जाए।

दो साल की सजा का है प्रावधान

लापरवाही से गाड़ी चलाने पर 304 ए के तहत दो
साल तक की सजा का प्रावधान है और आरोपी को थाने से ही जमानत मिल जाती है।

कड़े कानून बनाए केंद्र

सुप्रीम कोर्ट भी रैश ड्राइविंग पर सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार से कड़े कानून बनाने के मांग कर चुका है। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें केंद्र को मजबूर होकर यह कहना पड़ रहा है कि वह कड़े कानून लाए।

वर्ष 2000 में बच्चे की हो गई थी मौत

मामले के अनुसार, घटना 31 अगस्त 2000 की है जब दिल्ली के समयपुर बादली स्थित डीएवी स्कूल के सामने सुनील मिश्रा ने लापरवाही से ट्रक चलाते हुए बच्चे नवीन कुमार को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बच्चे की मौत हो गई थी। नवीन उस समय अपने पिता के साथ स्कूल जा रहा था। कोर्ट में ड्राइवर ने दावा किया था कि जिस जगह दुर्घटना हुई वहां काफी भीड़ थी, जिससे ज्यादा स्पीड में ट्रक नहीं चला सकता था। अभियोजन पक्ष इसे साबित नहीं कर पाया।

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