ट्रेनों को पाबंद और सुरक्षित बनाएगा इसरो

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 19 2016 04:58:00 (IST)

New Delhi, Delhi, India
ट्रेनों को पाबंद और सुरक्षित बनाएगा इसरो

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अब रेल की सुरक्षा करेगा। यह भारतीय रेलवे को अत्याधुनिक

नई दिल्ली।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अब रेल की सुरक्षा करेगा। यह भारतीय रेलवे को अत्याधुनिक बनाने में भी मदद करेगा। ट्रेनों के समय पर परिचालन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर काम करने के लिए रेलवे ने इसरो के साथ समझौता किया है। समझौते के मुताबिक, इसरो रेलवे को अपनी स्पेस टेक्नोलॉजी और रिमोट सेंसिस के जरिए मदद करेगा। इससे रेल प्रशासन अपनी ट्रेनों की आवाजाही को सैटेलाइट के जरिए बड़ी आसानी से मॉनीटर कर सकेगा। सबसे बड़ी मदद ये मिलेगी कि अगर एक ही पटरी पर दो ट्रेनें असावधानीवश आमने-सामने आ रही हों, तो इसका पता समय रहते चल पाएगा और हादसे को टाला जा सकेगा।


साथ ही मानव रहित फाटक की स्थिति के बारे में भी पूरी जानकारी मिलेगी। रेलवे को पहाड़ी इलाकों में पटरियां बिछाने में भी मदद मिलेगी। यात्री सुविधाओं पर भी इसरो के माध्यम से नजर रखी जाएगी। दरअसल इसरो रिमोट सेंसिस के मामले में दुनिया में अव्वल है। इस तकनीक का फायदा भारतीय रेलवे अपने स्टेशनों और पटरियों की पैमाइश में ले सकेगा।     

इसरो की मदद से भारतीय रेलवे ऐसा सिस्टम डेवलप करने की योजना बना रहा है जिससे पूरे देश में इस बात का सही पता रखा जा सकेगा कि कौन सी ट्रेन किस पटरी पर किस स्टेशन के पास से होकर निकल रही है।

आसान होगी वाई-फाई की सुविधा


तस्वीरों से इलाके के मानचित्र लेने में मदद मिलने के साथ संचार की सुविधा से ट्रेनों में बड़े स्तर पर वाई-फाई की सुविधा शुरू करना आसान हो जाएगा। यह तकनीक दुर्घटना के समय काफी मददगार साबित हो सकती है। रिमोट सेंसिंग प्रणाली किसी फाटक रहित रेलवे क्रॉसिंग को पार करते वक्त यात्रियों को ट्रेनों के आगमन के बारे में सचेत करेगी। इसके लिए इसरो जल्द ही रेलवे के इंजनों में गगन (जीपीएस) नामक चिप लगाएगा, जो सेटेलाइट सिस्टम से जुड़ा होगा।

ऐसे काम करेगा सिस्टम

इंजन में लगा चिप सेटेलाइट से जुड़ा होगा। अगर किन्हीं कारणों से इंजन चालक ने मानव रहित क्रॉसिंग के पहले हॉर्न न भी बजाया तो इसरो की चिप स्वयं बजने लगेगी। इस चिप का जल्द ट्रायल होने वाला है।

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