रांची जेलः लालू यादव के कमरे में शिफ्ट हुए विधायक संजीव

Shribabu Gupta

Publish: Apr, 21 2017 06:48:00 (IST)

Deoghar, Jharkhand, India
रांची जेलः लालू यादव के कमरे में शिफ्ट हुए विधायक संजीव

रांची के बिरसा मुंडा जेल में शिफ्ट करने के बाद झरिया के भाजपा विधायक को काफी सुविधाएं देने का मामला सामने आ रहा है...

रांची। रांची के बिरसा मुंडा जेल में शिफ्ट करने के बाद झरिया के भाजपा विधायक को काफी सुविधाएं देने का मामला सामने आ रहा है। साथ ही यहां जेल में उन्हें राजद पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा वाला कमरा मिला है।

नीरज सिंह हत्याकांड के आरोपी संजीव को सुरक्षा कारणों से गुरुवार को धनबाद से रांची के केंद्रीय कारा में शिफ्ट कर दिया गया। दोपहर धनबाद पुलिस की टीम छह गाड़ियों के काफिले के साथ संजीव को लेकर रांची जेल पहुंची। काले रंग की बुलेट प्रूफ सफारी गाड़ी सीधे संजीव को लेकर जेल परिसर में दाखिल हुई। संजीव अपने साथ सत्तू, चना और खाने-पीने का कुछ सामान लेकर आए थे। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें कुछ भी ले जाने की इजाजत नहीं दी।

जेल में मिला सावना-हरिनारायण का साथ : जेल में संजीव सिंह को अपर डिवीजन सेल का कमरा आवंटित किया गया है। इस कमरे में चारा घोटाले में सजा मिलने के बाद पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मधु कोड़ा लंबे अरसे तक रहे थे। संजीव के बगल में पूर्व विधायक सावना लकड़ा का कमरा है। सावना अविनाश हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वह 2011 से यहां बंद हैं। वहीं संजीव के दूसरी तरफ के कमरे में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय बंद है। वह भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में सजा काट रहे हैं। जेल में शिफ्ट किए जाने के बाद संजीव ने दोपहर का खाना सावना लकड़ा और हरिनारायण राय के साथ खाया। दाल, चावल, सब्जी और आचार इन सभी को जेल प्रशासन की तरफ से दिया गया था।

टीवी में दूरदर्शन देख सकेंगे, पसंद का खाना भी मिलेगा : जेल मैनुअल के मुताबिक, संजीव सिंह जेल में टीवी देख पाएंगे, लेकिन उस टीवी में सिर्फ दूरदर्शन ही वह देख पाएंगे। सुबह में अखबार मांगने पर दिया जाएगा। जेल मैनुअल के मुताबिक, जेल में वह पसंद का खाना बनवा कर खा सकेंगे।

फफक कर रो पड़े संजीव के छोटे भाई : विधायक संजीव सिंह को रांची लाने के पहले जेल के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संजीव को धनबाद पुलिस बख्तरबंद गाड़ी समेत छह गाड़ियों के काफिले में साथ लेकर आयी। वहीं पुलिस की गाड़ियों के ठीक पीछे संजीव सिंह के समर्थकों का काफिला चल रहा था।

संजीव के छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम समेत कई कार्यकर्ता जेल के बाहर पहुंचे थे। तकरीबन पंद्रह गाड़ियों में संजीव के समर्थक जेल तक आए थे। जेल के अंदर संजीव जब दाखिल हुए तो भाई सिद्धार्थ फफक कर रो पड़े।

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