जालियों से कर्मचारी बाघ को डेढ़ घंटे तक देखते रहे।

amit mandloi

Publish: May, 20 2017 11:22:00 (IST)

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जालियों से कर्मचारी बाघ को डेढ़ घंटे तक देखते रहे।

सतीबाड़ी में दिखा बाघ, कमरे में कैद हुए कर्मचारी, वेलस्पून कंपनी की सम्पवेल के पास स्थित खेत में डेढ़ घंटे तक टहलता रहा

देवास. नागदा की पहाड़ी व आसपास के जंगल में अभी भी बाघ की हलचल बनी हुई है। सोमवार के बाद तीन दिन तक गायब रहा बाघ आखिरकर शुक्रवार शाम को फिर भानगढ़ के रास्ते पर सतीबाड़ी के जंगल में दिखा। इस रास्ते पर वेलस्पून कंपनी का सम्पवेल है, जहां पर नर्मदा नदी से पानी आता है। सम्पवेल पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है, क्योंकि यहां से कंपनियों में पानी सप्लाई किया जाता है। शुक्रवार शाम करीब 6.30 बजे सम्पवेल पर काम करने वाले कर्मचारियों को पास ही स्थित किसान संजू जाट के खेत में बाघ दिखाई दिया।
बाघ को देखते ही तैनात कर्मचारियों के होश उड़ गए और वह कंपनी के कमरे में कैद हो गए। कमरे में दोनों तरफ लगी लोहे की जालियों से कर्मचारी बाघ को डेढ़ घंटे तक देखते रहे। बाघ वेलस्पून के सम्पवेल के आसपास भी टहलता रहा और किसान कजलीवाल के खेत में भी कुछ देर तक बैठा रहा। बाघ को देखने के बाद कर्मचारियों में इतनी दहशत आ गई थी कि वह कमरे से बाहर नहीं निकले। शनिवार सुबह बाहर निकलने के बाद वन विभाग की टीम को बाघ की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे और शाम को सम्पवेल के आसपास करीब 4 नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे लगाकर बाघ की लोकेशन लेने का विभाग का प्रयास है।

किसानों ने भर रखी हैं ठेले
सतीबाड़ी व भानगढ़ के किसानों ने अपने-अपने खेतों में मवेशियों को पानी पिलाने के लिए ठेलें भर रखी है। इन ठेलों से ही बाघ पानी पी रहा है। सम्पवेल के आसपास कहीं से भी पानी लीकेज नहीं हो रहा है, जिससे बाघ यहां पर आए।

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