मंडी प्रशासन ने कहा, खरीदना पड़ेगी छोटे किसानों की उपज

Kamal Singh

Publish: Dec, 02 2016 12:57:00 (IST)

Dewas, Madhya Pradesh, India
 मंडी प्रशासन ने कहा, खरीदना पड़ेगी छोटे किसानों की उपज

छोटे किसानों की  फसल को खरीदने में व्यापारी  करने लगे आना-कानी

देवास. कृषि उपज मंडी में छोटे किसानों की आने वाली फसल को खरीदने के लिए व्यापारी आना-कानी करने लगे हैं। 40, 50 व 60 किलो तक के ढेर किसान मंडी प्रांगण में लगा रहे हैं, जिसकी नकद राशि किसान व्यापारियों से मांग रहे हैं, किंतु व्यापारियों के पास नकदी नहीं होने से दिक्कत आ रही है। कम उपज वाले किसानों की उपज नहीं खरीदने के लिए गुरुवार को व्यापारी मंडी सचिव के पास पहुंचे। इस पर मंडी प्रशासन व व्यापारियों की बैठक में हुई, जिसमें व्यापारियों ने कहा कि हम छोटे किसानों की उपज नीलाम नहीं करेंगे।
इस पर मंडी सचिव ने कहा कि छोटे हो या बड़े सभी किसानों की उपज खरीदना पड़ेगी। रही बात नकद पैमेंट की तो सभी को चेक देकर भुगतान करें। इस मुद्दे को लेकर काफी देर तक बातचीत होती रही और अंत में छोटे किसानों की भी उपज खरीदने पर सहमति हो गई। व्यापारियों की पीड़ा थी कि 40 किलो से लेकर 3 क्विंटल तक किसान मंडी में उपज बेचने के लिए ढेर लगाते हैं। कम उपज के लिए नकद राशि की मांग करते हैं, जो हमारे पास नहीं है। बैंक से चेक भी सीमित मिलने से व्यापारियों को परेशानी हो रही है। चेक से पैमेंट करने पर किसानों के खातों में 3 से 7 दिन के अंतराल में पैमेंट आ रहा है। खाते से राशि निकालने के लिए किसानों को बैंक व एटीएम के सामने लाइन में खड़ा होकर राशि प्राप्त करना पड़ रही है।  मंडी सचिव के पास प्रतिदिन किसान खाते में समय पर राशि नहीं आने की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। बैंकों में अधिक काम होने से खातों में राशि समय पर नहीं डल पा रही है।
बढ़ रही आवक
मंडी सचिव श्रीवास्तव ने बताया कि आरटीजीएस, चेक के माध्यम से मंडी में नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुए एक पखवाड़ा हो गया है। धीरे-धीरे मंडी में उपज की आवक बढ़ती जा रही है। नोटबंदी के बाद से बुधवार को पहली बार सभी प्रकार की उपज आवक 20 हजार बोरियों तक रही। इसी तरह गुरुवार को आवक 15 हजार बोरियों के पार थी।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned