डरे व्यापारी नहीं कर रहे माल का स्टॉक

amit mandloi

Publish: Jun, 20 2017 12:24:00 (IST)

Dewas, Madhya Pradesh, India
डरे व्यापारी नहीं कर रहे माल का स्टॉक

जीएसटी लागू होने से पहले ही गिर रहे जिंसों के दाम, आम आदमी को राहत

देवास. जीएसटी लागू होने से पहले ही देवास शहर के बाजार में इसका असर तेजी से दिखने लगा है। जीएसटी के कारण अनाज व्यापारियों में भय का माहौल है। व्यापारियों ने फिलहाल अनाज की खरीदी रोक दी है। वे नए माल की बुकिंग भी नहीं कर रहे हैं, क्योंकि व्यापारियों को अपने यहां मौजूद स्टॉक को 30 जून तक क्लियर करना था। जीएसटी के कारण बाजार में दाल और चावल के भाव में मंदी छा गई है। पिछले माह जो अरहर दाल 70 रुपए तक बिक रही थी, वह अब गिरकर 54 रुपए पर आ गई है। वहीं चना, मसूर सहित सभी जिंसों में रिकॉर्ड मंदी आई है। जब जुलाई में जीएसटी लागू होगा तो दाल और चावल के क्या दाम होंगे, इसे लेकर व्यापारी अभी से चिंतित दिखाई दे रहे हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि आने वाले समय में तेल, शकर और दलहन में और भी मंदी आने की संभावना है।
15 से 20 दिन में गिरे दाल के भाव
जीएसटी से पहले दाल और चावल पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगता था। अब ब्रांडेड के नाम पर 5 फीसदी टैक्स लगा दिया है। मंडी टैक्स को लेकर अभी तक स्पष्ट नीति नहीं बनी है। व्यापारी रोहित अग्रवाल ने बताया कि 10.15 दिन में दालों के दाम एक दम से गिर गए हैं, जिससे उन्हें बड़ा घाटा उठाना पड़ा है। मई के शुरुआत में जो अरहर दाल 70 रुपए तक बिक रही थी, वह अब 54 रुपए हो गई है, यानी 20-25 दिन में 16 रुपए का अंतर आ गया है। इसी प्रकार जो चना दाल पहले 72 रुपए थी अब 6 5 रुपए में बिक रही है। मूंगदाल छिलका 58 रुपए से गिरकर 50 पर आ गई है। मूंगदाल मोंगा 6 8 से गिरकर 6 0 रुपए पर पहुंच गई है। मसूर दाल 6 2 रुपए से गिरकर से अब 55 रुपए में बिक रही है। वहीं गेहूं के दामों में भी गिरावट दर्ज की गई है। एक महीने पहले जो गेहूं व्यापारी 1540 तक खरीद रहे थे वह अब 1520 रुपए में भी मुश्किल से बिक रहा है।
भरपूर रही आवक
दामों में गिरावट की एक ओर वजह इस बार देवास कृषि मंडी में गेहूं, चना और अन्य सभी जिंसों की आवक पिछले साल के मुकाबले इस बार अच्छी रही। इसकी वजह से स्टॉककर्ताओं ने ऊंचे भाव में माल का स्टॉक कर लिया था। इससे उन्हें काफी नुकसान लगने लगा है, क्योंकि उनका अनुमान था कि मई माह में तेजी का असर बनना शुरू हो जाएगा, किंतु ऐसा नहीं हुआ।
जीएसटी की भ्रांतियां दूर की जाएं
व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी को लेकर कई भ्रांतियां हैं। इससे बाजार में भय का माहौल है। व्यापारी कमल वर्मा ने बताया, व्यापारियों को विश्वास में लेकर जीएसटी को लागू करना चाहिए। डर के चलते व्यापारी माल नहीं मंगा रहे हैं। ई बिलिंग में व्यापारियों को दिक्कतें आएंगी, क्योंकि बिलिंग के लिए बिजली, कम्प्यूटर की व्यवस्था चाहिए जो छोटी जगह पर उपलब्ध नहीं है और सभी व्यापारी पढ़े-लिखे नहीं हैं। कई व्यापारी कम्प्यूटर ऑपरेट नहीं कर सकते हैं।

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