शासकीय शिक्षक रहते हुए  कंपनी  डायरेक्टर बनकर लोगों को ठगा

Kamal Singh

Publish: Jan, 14 2017 01:09:00 (IST)

Dewas, Madhya Pradesh, India
शासकीय शिक्षक रहते हुए  कंपनी  डायरेक्टर बनकर लोगों को ठगा

- जांच में दोषी पाए गए माखनलाल वर्मा के वेतन, भत्ते व पेंशन की होगी कुर्की

देवास. नावदा टोंकखुर्द निवासी माखनलाल वर्मा के समस्त स्वत्व एवं धनराशि को कुर्क कर दिया है। शुक्रवार को कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। वर्मा पर आरोप है कि  सहायक शिक्षक के पद पर शासकीय नौकरी में रहते हुए उसने धोखा देने वाली अनेक चिटफंड कंपनियां बनाईं। सिमोन कंपनी का सीएमडी बनकर ग्रामीणों से छल-कपट कर राशि हड़पी। वर्मा के खिलाफ टोंकखुर्द थाने में एफआईआर दर्ज है और उसकी कंपनियों की संपत्ति को कुर्क की जा चुकी है। अब नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। कलेक्टर के आदेश पर जिला कोषालय अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि आगामी आदेश तक  वर्मा को किसी भी तरह की पेंशन और वित्तीय भुगतान नहीं किया जाए।  
वर्मा पर आरोप है कि नांदेल प्राथमिक स्कूल में उनकी जगह पर कोमल यादव शिक्षिका का कार्य करती थी।  जांच के दौरान  बयान में स्कूल शिक्षक पीरूमल यादव, बाबूलाल मालवीय, शाला प्रबंध समिति के सदस्य मुकेश यादव ने जांच दल को बताया था।
एफआईआर  के बाद लगाई थी वीआरएस की अर्जी
चिटफंड कंपनी मालवांचल-यूएसके के डायरेक्टर बनकर लोगों प्रलोभन देकर रुपए हड़पने वाली कंपनी का डायरेक्टर माखनलाल वर्मा पेशे से शासकीय शिक्षक रहा है। जब मालवांचल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ तो वर्मा ने  अगस्त में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अर्जी लगा दी। जिला प्रशासन की इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने सीईओ जिला पंचायत और डीईओ कार्यालय से मामले की जांच कराई। जांच में पाया गया कि प्राथमिक विद्यालय नांदेल में सहायक शिक्षक  रहते हुए लोगों के साथ धोखाधड़ी करता था। वर्मा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं। इसकी स्वीकृति जिला शिक्षा अधिकारी ने दी थी।  वर्मा के विरुद्ध धोखाधड़ी आदि की प्राथमिक रिपोर्ट 3 अगस्त 2016 को थाना टोंकखुर्द में दर्ज कराई गई थी। जांच दल द्वारा  आरोपित के विरुद्ध विभिन्न आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
शासकीय सेवाओं में रहते हुए करता रहा अपराध
जिला संस्थागत वित्त अधिकारी राजीव कांबले ने बताया कि आरोपित वर्मा शासकीय सेवाओं, वेतन भत्ते आदि सुविधाओं को लेते हुए चिटफंड कंपनी मालवांचल बनाई और अपराध करता रहा। वह लोगों को प्रलोभन देकर जनता की गाढ़ी कमाई को प्रलोभन से कंपनी में विनिवेश कराता रहा। जब उसके बदले स्कूल में एक शिक्षिका को पढ़ाने के लिए भेज दिया। आरोपों के बाद आरोपित माखनलाल वर्मा के वेतन, भत्ते, पेंशन आदि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर ने इन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है।

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