आज बने शुभ योग, इन कामों के लिए है सबसे अच्छा मुहूर्त

Sunil Sharma

Publish: May, 05 2017 09:22:00 (IST)

Dharma Karma
आज बने शुभ योग, इन कामों के लिए है सबसे अच्छा मुहूर्त

दशमी पूर्णा संज्ञक शुभ तिथि सायं 7.45 तक, तदन्तर एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि रहेगी

दशमी पूर्णा संज्ञक शुभ तिथि सायं 7.45 तक, तदन्तर एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि रहेगी। दशमी व एकादशी तिथियों में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, विवाह, वास्तु, पौष्टिक, उपनयन, यात्रा, प्रवेश तथा व्रतादि शुभ होते हैं। नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी 'उग्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र संपूर्ण दिवारात्रि है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में यथा आवश्यक बंधन, कठिन, क्रूर, कारीगरी, कपटता, युद्ध, चित्र, विद्या, उपनयन तथा अन्य कलादि कार्य सिद्ध होते हैं।

योग: ध्रुव नामक नैसर्गिक शुभ योग अपराह्न 3.38 तक, तदुपरान्त व्याघात नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। व्याघात नामक योग की प्रथम नौ घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग संपूर्ण दिवारात्रि तथा सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग भी सूर्योदय से सम्पूर्ण दिवारात्रि है। करण: तैतिल नाम करण प्रात: 7.38 तक, तदन्तर गर वणिजादिक करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 2074
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 1939
हिजरी संवत् : 1438
अयन : उत्तरायण
ऋतु : ग्रीष्म
मास : वैशाख। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में यथाआवश्यक उपनयन, सगाई, रोका, टीका व विद्यारम्भ आदि के शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से पूर्वाह्न 10.45 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत, दोपहर 12.23 से दोपहर बाद 2.02 तक शुभ तथा सायं 5.19 से सूर्यास्त तक चर के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.57 से दोपहर 12.49 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज श्री महावीर स्वामी केवल्यज्ञान (जैन) है। दिशाशूल: शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि सिंह राशि में रहेगा। राहुकाल: प्रात: 10.30 से दोपहर 12.00 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (मो,टा,टी,टू,टे) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनका  जन्म रजत पाद से व जन्म की राशि सिंह है। सामान्यत: ये जातक धनवान, प्रतिभावान, धर्मकार्यों को जानने वाले, कलाकार, शत्रुजित, मृदुभाषी तथा आकर्षक व्यक्तित्व वाले होते हैं। इन्हें धन, वाहन, वस्त्राभूषण का सर्वसुख प्राप्त होता है। इनका भाग्योदय लगभग 28-32 की आयु तक होता है। सिंह राशि वाले जातकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। विवाह योग्य जातकों के विवाह के अपनी इच्छानुसार प्रस्ताव मिल सकते हैं।

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