आज इन कार्यों के लिए बन रहा है शुभ मुहूर्त, आप भी लाभ उठाएं

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आज इन कार्यों के लिए बन रहा है शुभ मुहूर्त, आप भी लाभ उठाएं

षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि शाम 4:32 तक, तदन्तर सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि है।

भोपाल।  षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि सायं 4:32 तक, तदन्तर सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि है। षष्ठी तिथि में विवाहादि मांगलिक कार्य, वस्त्रालंकार, वास्तु व युद्धादि से सम्बंधित कार्यो का सिद्ध होना मन जाता है।

 पंडित सुनील शर्मा के अनुसार पर इस दिन काठ की दातुन, यात्रा व तेल लगाना वर्जित मन जाता है। सप्तमी तिथि में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ कहे गए हैं।



नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा 'ध्रुव व ऊध्र्वमुख' संज्ञक नक्षत्र प्रात: 7.26 तक, तदन्तर श्रवण 'चर व ऊध्र्वमुख' संज्ञक नक्षत्र है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में देवस्थापन, विभूषित करना, गृहारम्भ व गृहप्रवेश, विवाहादि मांगलिक कार्य, विपणि-व्यापारारम्भ व श्रवण नक्षत्र में उपरोक्त वर्णित कार्यों सहित वाहन, सवारी, उपवाटिका, पुष्टता, कारीगरी व जनेऊ आदि के कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।



योग: शुक्ल नामक योग रात्रि 9.29 तक, इसके बाद ब्रह्म नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग प्रात: 7.26 से तथा प्रात: 7.26 से सायं 4.32 तक कुमार योग नामक शुभ योग है। कुमार योग में मैत्री करना, शिक्षा-दीक्षा व व्रतादि रखना शुभ होता है। करण: वणिज नामकरण सायं 4.32 तक, इसके बाद अंतरात्रि सूर्योदय पूर्व प्रात: 5.08 तक भद्रा है। भद्रा का वास पाताल लोक में होने से लाभप्रद मानी गई है।

शुभ विक्रम संवत् : 2074
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 1939
हिजरी संवत् : 1438
अयन : उत्तरायण
ऋतु : ग्रीष्म
मास : ज्येष्ठ। पक्ष - कृष्ण।

शुभ मुहूर्त : उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विवाह, गृहारम्भ व गृहप्रवेश के (तीनों में भौमवेध दोष) विवाह श्रवण में (राहुवेध व भद्रादोष), हलप्रवहण उ.षा. व श्रवण में तथा वधू-प्रवेश, नामकरण, कर्णवेध, विद्यालय आदि के शुभ मुहूर्त हैं। कूपारंभ का उ.षा. में शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 9.02 तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न 10.43 से दोपहर 12.23 तक शुभ तथा अपराह्न 3.46 से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहर्त शुभ कार्यों में ग्राह्य नहीं है।

व्रतोत्सव: आज विश्व दूर संचार दिवस है। दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल है। चन्द्र स्थिति के अनुसार दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि मकर राशि में रहेगा। राहुकाल: दोपहर 12.00 से दोपहर बाद 1.30 तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।



आज जन्म लेने वाले बच्चे 
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (जी,खि,खू,खे,खो) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि मकर तथा जन्म ताम्रपाद से हुआ है। 

सामान्यत: ये जातक धनवान, प्रतिभाशील, कलाकार, सुंदर पर कुछ विवादप्रिय, बहुत बोलने वाले, साहसी, प्रसिद्ध, नेकनामी, रागविद्या, गणित व ज्योतिष आदि में रुचि रखने वाले, विवेकी और उच्च पद पर पहुंचने वाले होते हैं। क्रूर ग्रह की दशा में राहु-शनि व केतु के अंतर में शत्रुकष्ट व चोरी आदि का भय रहता है। मकर राशि वाले जातकों को आज निकट-परे की यात्रा संभव है। यात्रा लाभदायक रहेगी। वाहनादि के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें।

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