घरेलू नुस्खे जो बनेंगे सुरक्षा कवच, जानें इनके बारे में 

Vikas Gupta

Publish: Apr, 19 2017 12:18:00 (IST)

Disease and Conditions
घरेलू नुस्खे जो बनेंगे सुरक्षा कवच, जानें इनके बारे में 

इन समस्याओं से बचने के लिए हम कई प्रकार के नुस्खे आजमा सकते हैं। आयुर्वेद में कई ऐसी असरदार हर्बल दवाएं हैं जिनसे इन रोगों में काफी आराम मिलता है।

बुखार, जुकाम-खांसी, जोड़ों का दर्द, यह सभी बीमारियां सर्दी के मौसम में आम बात है। इन समस्याओं से बचने के लिए हम कई प्रकार के नुस्खे आजमा सकते हैं। आयुर्वेद में कई ऐसी असरदार हर्बल दवाएं हैं जिनसे इन रोगों में काफी आराम मिलता है।

कच्ची हल्दी और अदरक 
कच्ची हल्दी में फ्लैवेनॉइड्स और एंटीएजिंग तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके उपयोग से फेफड़ों को ताकत मिलती है। 
उपयोग : 50-50 ग्राम की बराबर मात्रा में ताजा कच्ची हल्दी और अदरक को बारीक काट लें। इस मिश्रण में ऊपर से 2-3 नींबू का रस और स्वादानुसार नमक डाल दें। इसे एक डिब्बे में भरकर रख लें। जब भी भोजन करें इसका एक चम्मच खा लें। इसे लेने से शरीर का तापमान सामान्य रहता है और ज्यादा ठंड नहीं लगती।

तुलसी के ताजा पत्ते
तुलसी के दो पत्ते आधे कप पानी में पीसकर मिला लें। बाद में इस पानी को पी लें। इससे सर्दी से होने वाले जुकाम में फायदा मिलेगा।

अवलेह भी उपयोगी
आयुर्वेद में डॉक्टर मरीजों को ऐसा अवलेह देते हैं जिसमें 20 ग्राम की मात्रा में हल्दी, अदरक और गुड़ के पेस्ट में थोड़ा सा देसी घी मिलाकर दिया जाता है। इस चटनी को पुरानी खांसी व अस्थमा के रोगी ताजा रूप में खाएं तो लाभ होता है। इसे सिर्फ 2-3 दिन तक ही प्रयोग में लिया जा सकता है।

हर्बल पेय
आधा चम्मच सूखी हल्दी, दो काली मिर्च, अदरक का टुकड़ा और दो तुलसी के पत्तों को मिलाकर उबाल लें। 2-3 मिनट उबालने के बाद इसे गिलास में छान लें और चीनी व 2-4 बूंद नींबू का रस मिलाएं। इसे हफ्ते में 3-4 बार पीने से बुखार और खांसी-जुकाम में लाभ होता है। जोड़ों के दर्द में इस काढ़े को लगातार हफ्ते में 3 से 4 बार पिएं। दो से तीन महीने तक इसे पीने से लाभ होता है।

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