विश्वसनीय व्यक्ति से साझा कीजिए अपनी सोच और भावनाएं

Vikas Gupta

Publish: Apr, 02 2017 12:32:00 (IST)

Disease and Conditions
विश्वसनीय व्यक्ति से साझा कीजिए अपनी सोच और भावनाएं

कार्य और खानपान में रुचि खत्म होने के साथ हीनभावना व आत्महत्या जैसे विचार आने पर किसी नजदीक के व्यक्ति से सलाइनका रखें खयाल किसी विश्वसनीय व्यक्ति से अपनी भावनाएं व सोच साझा करें।

मूड डिसऑर्डर...
डिप्रेशन एक प्रकार का मूड डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति लगातार उदासी का अनुभव करता है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है जो कमजोरी नहीं बल्कि एक बीमारी का रूप है। कार्य और खानपान में रुचि खत्म होने के साथ हीनभावना व आत्महत्या जैसे विचार आने पर किसी नजदीक के व्यक्ति से सलाइनका रखें खयाल किसी विश्वसनीय व्यक्ति से अपनी भावनाएं व सोच साझा करें। इससे राहत महसूस कर सकेंगे। जिन कामों में रुचि है उसे बरकरार रखें। 

नियमित व्यायाम करें या पैदल चलें। संतुलित खानपान के साथ पर्याप्त नींद लें। नशीली चीजों और पदार्थों से दूरी बनाए रखें, ये डिप्रेशन को बढ़ाते हैं। मन में यदि आत्महत्या का विचार आए तो मदद लें। 

बच्चा यदि अवसाद से ग्रस्त हो तो उससे घर, स्कूल व बाहर की बातों व घटनाओं की जानकारी लें और बातचीत जारी रखें। 
डॉक्टर द्वारा बताई दवाएं नियमित लें।

मरीज कोई बात साझा करे तो उसकी बात सुनें। यदि वह खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें तो उसे अकेला न छोड़ें। तुरंत किसी भी प्रकार की दवा, धारदार वस्तु व हानि पहुंचाने वाली चीजों को संपर्क से दूर रखें।

चिकित्सकीय सहायता के लिए उसे प्रेरित करें।
नियमित व्यायाम व सामाजिक जुड़ाव के लिए कहेंं।
नकारात्मकता को कम कर सकारात्मक सोच बढ़ाएं।
बच्चों के सामने पेरेंट्स तनाव की बातें न करें। उन्हें स्वयं निर्णय लेने दें।

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